जिंदा है लिट्टे आतंकी प्रभाकरन की बेटी? सोशल मीडिया पर महिला के दावे से मची सनसनी

चेन्नई,

सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. इस वीडियो में महिला लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के पूर्व प्रमुख प्रभाकरन की बेटी होने का दावा कर रही है. वीडियो 26 नवंबर को सामने आया. इस दिन को श्रीलंकाई तमिलों द्वारा मवेरार नाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसी दिन प्रभाकरन का जन्मदिन होता था और अब इस दिन को श्रीलंकाई तमिल लिट्टे कैडरों के बलिदान दिवस के रूप में भी मनाते हैं.

खुद को प्रभाकरन की बेटी द्वारका बताते हुए महिला ने दुनिया के सामने अपनी पहचान उजागर करने की इच्छा व्यक्त की. वीडियो में साड़ी पहने महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मैं कई कठिनाइयों और विश्वासघातों को पार करने के बाद यहां हूं. मुझे उम्मीद है कि एक दिन मैं ईलम भी जाऊंगी और अपने लोगों की सेवा करूंगी.”

14 साल बाद सामने आया ऐसा दावा
प्रभाकरन की मृत्यु के लगभग 14 साल बाद इस तरह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें किसी ने प्रभाकरन के परिवार से जुड़े होने का दावा किया है. कारण, 2009 में श्रीलंकाई सेना ने प्रभाकरन को मार गिराया था. तब सेना ने दावा किया था मुल्लीवैक्कल में युद्ध के अंतिम दिनों में प्रभाकरन और उसका परिवार मारा गया था.

वीडियो में श्रीलंकाई तमिल में अपने 12 मिनट लंबे भाषण में महिला ने कहा कि जब श्रीलंकाई सरकार लिट्टे से सीधे मुकाबला करने में असमर्थ हो गई तो उसने शक्तिशाली देशों से समर्थन मांगा. उन्होंने राजनीतिक जरूरतों के लिए विविधता में एकता पर जोर देते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के लिए लिट्टे की लड़ाई जारी रहेगी.

विदेशों में रह रहे श्रीलंकाई लोगों से की ये अपील
विदेशों में रहने वाले श्रीलंकाई लोगों को संबोधित करते हुए महिला ने श्रीलंका में हाशिए पर रहने वाले तमिलों की देखभाल करने का आग्रह किया. यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि एक अलग तमिल ईलम स्वायत्तता और विकास प्रदान करेगा, महिला ने कहा कि प्रभाकरन भी यही चाहते थे.

इसके अलावा, महिला ने स्पष्ट किया कि तमिल संघर्ष सिंहली लोगों के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकार और भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ है, जिन्होंने निर्दोषों को उनके खिलाफ बरगलाया. महिला ने उम्मीद जताई कि सिंहली अलग-अलग विचारों के बावजूद अपने उद्देश्य को समझेंगे.

एआई के इस्तेमाल का शक
उधर, श्रीलंकाई सरकार के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्हें द्वारका प्रभाकरन होने का दावा करने वाला एक वीडियो बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग का सुझाव देने वाली जानकारी मिली थी. सरकार मामले की जांच कर रही है.

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