म्‍यांमार के होंगे टुकड़े… चीन ने यूं ही नहीं सीमा पर तैनात की शक्तिशाली तोप, ड्रैगन की चाल से भारत को खतरा

रंगून:

भारत के पड़ोसी देश म्‍यांमार में हालात बहुत ही विस्‍फोटक हो गए हैं। म्‍यांमार के विद्रोही गुटों ने सेना को देश के कई इलाकों से निकालकर बाहर कर दिया है। यही नहीं भारत के साथ लगते सीमा व्‍यापार के दो में से एक रास्‍ते पर कब्‍जा कर लिया है। यही नहीं म्‍यांमार और चीन की सीमा पर भी विद्रोहियों और सरकारी सेना के बीच भीषण लड़ाई हो रही है। म्‍यांमार के सैन्‍य शासक खुद ही कह चुके हैं कि अगर लोग सेना के साथ एकजुट नहीं हुए तो देश कई टुकड़ों में बंट सकता है। इस बीच चीन ने मौका देखकर म्‍यांमार की सीमा पर युद्धाभ्‍यास शुरू कर दिया है। चीन ने अपनी शक्तिशाली तोपों को सीमा पर तैनात किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन म्‍यांमार में बड़े खेल की तैयारी में है और यह भारत के लिए टेंशन बढ़ा सकता है।

चीन की सेना शनिवार को तस्‍वीरें जारी कीं और बताया कि वे कैसे म्‍यांमार की सीमा पर व्‍यापक सैन्‍य अभ्‍यास कर रहे हैं। यह वही इलाका है जहां म्‍यांमार की सरकारी सेना और विद्रोहियों के बीच खूनी लड़ाई जारी है। इस लड़ाई के दौरान कुछ तोप के गोले चीन के इलाके में भी गिरे हैं जिससे कुछ लोगों के घायल होने की भी खबरें हैं। इसके बाद चीन की सेना के दक्षिणी थिएटर कमांड ने म्‍यांमार की सीमा पर तोपें और रेडॉर तैनात किए और सैन्‍य अभ्‍यास शुरू किया है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि यह अभ्‍यास देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए किया जा रहा है।

चीन ने की है विद्रोहियों की मदद
चीन के इस सैन्‍य अभ्‍यास के समय ने दुनिया का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है। चीन लंबे समय से म्‍यांमार में सेना विरोधी गठबंधन के कुछ धड़ों को अपना पूरा समर्थन देता रहा है। विश्‍लेषकों का कहना है कि चीन ने यह बहुत खतरनाक दांव चला और म्‍यांमार के संघर्ष में सक्रिय रूप से हिस्‍सेदारी का बड़ा असर पड़ने जा रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में लेक्‍चरर अविनाश पालीवाल ने न्‍यूज वीक पत्रिका से बातचीत में कहा कि म्‍यांमार के टुकड़े होने की काफी ज्‍यादा संभावना हो गई है। खुद म्‍यांमार के राष्‍ट्रपति भी इसे स्‍वीकार कर चुके हैं।

चीन ने म्‍यांमार के सैन्‍य शासकों को झटका देते हुए एंटी गैंबलिंग अभियान चलाया है। गैंबलिंग से म्‍यांमार के सैन्‍य शासकों को जमकर कमाई होती है। चीन के इस ऐक्‍शन से उनकी कमाई बंद हो गई। वह भी तब जब सरकारी सेना सशस्‍त्र विद्रोही गुट ‘थ्री ब्रदरहुड अलायंस’ के भीषण हमलों से जूझ रही है। म्‍यांमार के एक बड़े हिस्‍से पर अब विद्रोही गुट का कब्‍जा हो गया है। यह पूरा संघर्ष तब तेज हुआ जब साल 2021 में सैन्‍य सरकार ने आंग सांग सू की की सरकार को सत्‍ता से हटाकर उस पर कब्‍जा कर लिया।

चीन ने पश्चिमी देशों को दिया संदेश
इन विद्रोहियों ने मूसे कस्‍बे में कयिन सान कयावत बॉर्डर गेट को भी अपने कब्‍जे में ले लिया है जो चीन की सीमा से लगता है और कमाई का एक प्रमुख केंद्र है। पालीवाल कहते हैं कि चीन का सैन्‍य अभ्‍यास करना न केवल अपनी सीमा पर चल रहे संघर्ष का जवाब है बल्कि पश्चिमी देशों को संदेश है कि बीजिंग अपने सीमा क्षेत्र को स्थिर करना चाहता है। म्‍यांमार में चीन का यह बढ़ता प्रभाव भारत पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है जो उग्रवादी और जातीय हिंसा से जूझ रहा है।

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