गुजरात में पकड़ी गई 1400 करोड़ रुपये की ड्रग्स, पकड़े गए 5 विदेशीस्मगलर, पाकिस्तान से जुड़ रहा कनेक्शन

नई दिल्ली

 नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नौसेना और गुजरात एटीएस के साथ मिलकर ड्रग्स और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात तट के पास अरब सागर में विदेशी जहाज पकड़ा है। इसमें पांच विदेशी सवार थे। जिनके पास मछली पकड़ने वाली इस नाव में 3300 किलो ड्रग्स भरी हुई थी। इसमें 3110 किलो चरस, 158 किलो मेथ पाउडर और 25 किलो हेरोइन भरी हुई थी। समुद्र के अंदर ड्रग्स की खेप पकड़ने की यह सबसे बड़ी जब्ती बताई जा रही है। इसकी कीमत करीब 1400 करोड़ रुपये बताई गई है। ड्रग्स तस्करों को पकड़ने के लिए नौसेना के मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर से तस्करों के इस जहाज पर कब्जा किया।

सागर मंथन से पकड़ी गई यह रिकॉर्ड ड्रग्स
एनसीबी के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि समुद्र के जरिए ड्रग्स की स्मगलिंग करने वालों के खिलाफ एनसीबी ने ऑपरेशन समुद्रगुप्त के बाद अब सागर मंथन नाम से ऑपरेशन चला रखा है। इस मामले में ड्रग्स के आने की सूचना मिली थी। जिस पर एनसीबी (ऑप्स) के डिप्टी डीजी ज्ञानेश्वर सिंह और इनकी टीम के नेतृत्व में यह ऑपरेशन सागर मंथन-1 अंजाम दिया गया। एनसीबी ने बताया कि इसके तहत 27 फरवरी की सुबह को ड्रग्स की यह जब्ती हुई। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस को इसके लिए बधाई दी है। इस ऑपरेशन के तहत तीनों एजेंसियों ने मिलकर 15 घंटे से भी अधिक की कार्रवाई में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

पाकिस्तान में बैठे हाजी सलीम के हाथ होने का शक
इस मामले में अभी जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में गिरफ्तार पांच विदेशियों में तीन ईरानी और दो पाकिस्तानी हैं। आरोपियों से डिटेल में पूछताछ होना बाकी है। लेकिन शक है कि इसके पीछे पाकिस्तान के कराची में बैठे अंडरवलर्ड डॉन दाउद इब्राहिम के राइट हैंड गैंगस्टर हाजी सलीम का हाथ हो सकता है। हाजी सलीम का अरब और हिंद महासागर में ड्रग्स की तस्करी करने का बड़ा नेटवर्क हो गया है। यह डी कंपनी के ड्रग्स के सारे नेटवर्क को पाकिस्तान से संभालता है। यह श्रीलंका में खत्म हो चुके लिट्टे को भी फिर से जिंदा करने की कोशिशों में लगा है। यह भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहता है। जांच एजेंसियों को इस मामले में इसके उपर शक है।

ईरान के चाबहार बंदरगाह से चला ड्रग्स से भरा जहाज पाकिस्तान होते आया!
अभी तक की तफ्तीश में यह पता लगा है कि ड्रग्स से भरा मछली पकड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला यह जहाज ईरान के चाबहार पोर्ट से चला था। शक है कि यह पाकिस्तान से होते हुए भारतीय सीमा में प्रवेश किया। जांच की जा रही है कि क्या यह जहाज पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह के पास से होते हुए आया था। ग्वादर बंदरगाह चाबहार पोर्ट से बहुत दूर नहीं है। जांच में यह भी पता लगा है कि बीच रास्ते में आए तुफान की वजह से इन तस्करों को रूकना भी पड़ा था। हालांकि, अभी इस मामले में जांच एजेंसियां खुलकर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन शक है कि ड्रग्स से भरा यह जहाज पाकिस्तान से होते हुए भारत में आ रहा था।

इनपुट मिला था कुछ और मिल गई इतनी बड़ी ड्रग्स की खेप
इस मामले में एनसीबी को विश्वसनीय सोर्स से एक इनपुट मिला था। जिसमें कहा गया था कि मछली पकड़ने वाली एक विदेशी नौका, जो रजिस्टर्ड नहीं है। असल में उसमें कोई मछली नहीं हैं बल्कि उसमें तीन हजार किलो से अधिक नारकोटिक्स पदार्थ भरा हुआ है। इस नौका में पांच-सात विदेशी नागरिक भी सवार हैं। जो भारतीय समुद्र में आएंगे। यहां से 27 फरवरी की सुबह को तमिलनाडु से कोई एक और जहाज आएगा। जो इस विदेशी जहाज में भरी ड्रग्स को ले जाएगा। मिले इनपुट पर काम करते हुए एनसीबी ने यह इनपुट नेवी और गुजरात पुलिस से शेयर किया। इसमें नेवी को तमिलनाडु से आती हुइ कोई नौका तो नहीं मिली। लेकिन नेवी ने अपने हेलीकॉप्टर और नौका से इस विदेशी नौका की पहचान कर इसे घेर लिया। इसके बाद इसे टोह करके गुजरात तट पर ले आए। उस वक्त यह विदेशी नौका गुजरात तट से करीब 60 नोटिकल माइल्स अंदर थी। अब इस मामले में तमिलनाडु से इस ड्रग्स की डिलीवरी लेने आने वाली फरार नौका की तलाश की जा रही है।

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