16.4 C
London
Tuesday, June 2, 2026
Homeराष्ट्रीयतलाशी-जब्ती की शक्तियों और प्राइवेसी के अधिकारों में संतुलन जरूरी... CJI चंद्रचूड़...

तलाशी-जब्ती की शक्तियों और प्राइवेसी के अधिकारों में संतुलन जरूरी… CJI चंद्रचूड़ की जांच एजेंसियों को नसीहत

Published on

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के स्थापना दिवस पर कई बातों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां देश में कम फैली हुई हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के खिलाफ हो रहे आर्थिक अपराधों को प्राथमिकता देनी चाहिए। 20वें डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर में सीजेआई ने टेक्नोलॉजी के कारण अपराधिक मामलों की जांच में आने वाली चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने इन्वेस्टिव प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के साथ एक्यूरेसी और सटीकता बढ़ाने के लिए AI का फायदा उठाने की वकालत की। जांच एजेंसियों को तलाशी, जब्ती की शक्तियों और प्राइवेसी के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना होगा।

सीबीआई रेजिंग डे पर बोले सीजेआई
CJI चंद्रचूड़ ने 20वें डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर में कहा कि टेक्नोलॉजी के कारण अपराध का बैकग्राउंड बदल रहा। इससे एजेंसी के लिए कड़ी चुनौतियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई को भ्रष्टाचार निरोधक जांच एजेंसी के रूप में अपनी भूमिका से परे विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामलों की जांच करने के लिए कहा जा रहा। यह सीबीआई पर अपने आदर्श वाक्य पर खरा उतरने को लेकर एक बड़ी जिम्मेदारी डालता है।

CJI बोले जांच एजेंसियों को इन पर फोकस करना चाहिए
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुझे लगता है कि हमने प्रमुख जांच एजेंसियों को बहुत कमजोर कर दिया है। उन्हें केवल उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के खिलाफ आर्थिक अपराधों से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी में बड़े पैमाने पर अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर हैं। स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स से जांच एजेंसी को अपग्रेड किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना आवश्यक है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने इसे क्रिमिनल जस्टिस में एक ‘गेम चेंजर’ करार दिया।

जांच एजेंसी अपनी लड़ाई खुद चुनें- चंद्रचूड़
सीजेआई चंद्रचूड़ ने जांच एजेंसियों से अपनी लड़ाई खुद चुनने के लिए भी कहा है। उन्हें विभिन्न केसों में ज्यादा शामिल होने के बजाय, उन अपराधों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो देश की सुरक्षा और आर्थिक सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालते हैं। चंद्रचूड़ ने समाधान के रूप में एफआईआर दाखिल करने से शुरू होने वाली जांच प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का प्रस्ताव रखा। मामलों की अधिक संख्या के कारण होने वाली देरी को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाना महत्वपूर्ण है।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में पीएम आवास और पीएम सूर्य घर योजना का अभिनव संगम: सीएम विष्णु देव साय ने कोंडागांव में कराया गृह प्रवेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव...

राजस्थान आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: एक महीने के विशेष अभियान में ₹3.93 करोड़ की विदेशी शराब जब्त, 5.62 लाख लीटर वॉश नष्ट; 922...

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिली नई गति

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी विजन और सकारात्मक सोच के चलते राजस्थान में...

More like this

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा, 5 किलो के फ्री ट्रेड वाले LPG सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़े

नई दिल्ली। कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है।...

देश को दहलाने की साजिश नाकाम, दिल्ली पुलिस ने 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार, ISI से कनेक्शन निकला

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग शहरों को दहलाने की साजिश का खुलासा हुआ है।...

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर हमला… कपड़े फाड़े, पत्थर और अंडे फेंके; हेलमेट पहनकर जान बचाई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है।...