लिव-इन में रहने वाला प्रेमी निकला कातिल, 3 महीने बाद सूटकेस में मिली लाश

देहरादून,

देहरादून में एक युवती की हत्या का खुलासा हुआ है. युवती के परिवार वालों ने बेटी के गुम होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी. युवती पिछले तीन महीने से गायब थी. पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. युवती की उसके प्रेमी ने हत्या कर दी थी. अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है. एक रॉन्ग नंबर से दोनों संपर्क में आए थे और फिर साथ रहने लगे थे.

मिली जानकारी के अनुसार 29 मार्च को हरिद्वार की रहनी वाली शहनूर नाम की लड़की की गुमशुदमगी की रिपोर्ट उसके माता-पिता ने देहरादून कोतवाली पटेलनगर में लिखाई. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शहनूर देहरादून मे संस्कृति विहार कालोनी मे रहकर ब्यूटी पॉर्लर में काम करती थी. वह 26 दिसम्बर 2023 से लापता है. उससे सम्पर्क करने तथा ढूंढने का काफी प्रयास किया गया. फिर भी उसके संबंध में कोई जानकारी नहीं हो पा रही है.

युवती की गुमशुदगी का मामला हुआ था दर्ज
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए तत्काल थाना पटेलनगर पर युवती की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह द्वारा युवती की बरामदगी के लिए टीम बनाई गई. टीम गुमशुदा की तलाश में जुट गई. युवती की खोजबीन के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय हुआ. शहनूर की तलाश कर रही पुलिस टीम को जानकारी मिली कि गुमशुदा शहनूर देहरादून मे संस्कृति लोक कालोनी मे राशिद नाम के युवक के साथ लिव इन रिलेशनशिप मे रहती थी.

दिसंबर से गायब थी शहनूर
इसके बाद पुलिस ने राशिद को ढूढने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया. बीते 30 मार्च कोपुलिस टीम को जानकारी मिली कि राशिद संस्कृति विहार कालोनी में अपने किराये के कमरे के आस-पास घूम रहा है. जानकारी मिली कि राशिद अपना सामान लेने के लिये देहरादून आया है. इस पर पुलिस टीम तत्काल संस्कृति विहार कालोनी पहुंची और राशिद से पूछताछ करने लगी.

युवती की स्कूटी से उसी का शव लादकर फेंका आया
पुलिस को शक हुआ और राशिद को पूछताछ के लिए थाने लाया गया. यहां उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने 27 दिसम्बर 2023 को शहनूर की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके ही (शहनूर) एटीएम से 17000 रुपये निकले और उसकी ही (शहनूर) स्कूटी से शव को सूटकेस में बदं कर आशारोडी से आगे जगंल में फेंक दिया.

सूटकेस से मिली सड़ी गली लाश
पुलिस टीम राशिद को अशारोड़ी साथ लेकर गई और वहां का दृश्य देखकर पुलिस के होश उड़ गए. आशारोडी से करीब 5-6 किलोमीटर सहारनपुर की ओर सड़क किनारे खाई के पास पड़े एक सूटकेस के अन्दर से गुमशुदा शहनूर के शव के कंकाल को सडी-गली अवस्था में बरामद किया गया. राशिद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया गया.

प्रेमी ने कबूला अपना जुर्म
पुलिस को दिये गए बयान के मुताबिक आरोपी राशिद ने बताया कि वो अपने गांव बागोवाली में मोटरसाइकिल रिपेयरिंग का काम करता था. वर्ष 2017-18 में उसकी पहचान मोबाइल फोन पर रॉन्ग नंबर के माध्यम से शहनूर से हुई थी. उसके बाद से ही वे लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में थे. सितम्बर 2023 में वह शहनूर से मिलने देहरादून आया. उसके बाद संस्कृति लोक कॉलोनी आईएसबीटी के पास एक कमरा किराए पर लेकर शहनूर के साथ रहने लगा.

शहनूर के गलत काम करने का राशिद को था शक
उसने कहा कि शहनूर से उसके काम के बारे में पूछने पर वह पार्लर में काम करने की बात कहती थी. जब उससे पार्लर का पता पूछता था, तो वो हमेशा बात टाल देती थी. शहनूर हमेशा रात में देरी से और कई बार अगले दिन सुबह कमरे पर आती थी.वजह पूछने पर हमेशा बातों को टाल देती थी. राशिद ने बताया कि उसे शक हो गया कि शहनूर किसी प्रकार के गलत काम में लिप्त है.

शहनूर के देर से आने से खफा था राशिद
26 दिसंबर 2023 को भी राशिद देर रात तक कमरे में शहनूर का इंतजार करता रहा. 27 की सुबह करीब दो बजे वह कमरे पर आई. इस बात को लेकर राशिद का शहनूर से झगडा हो गया.देरी से आने की वजह पूछने पर शहनूर ने उसे अपने काम से काम रखने तथा उस पर नजर न रखने की हिदायत दी. साथ ही राशिद के मुंह पर थप्पड़ मार दिया.

गुस्से में आकर युवती को मार डाला
जिस पर गुस्से में आकर राशिद ने शहनूर की गला दबाकर हत्या कर दी. घटना के बाद अगले दिन अभियुक्त शहनूर की स्कूटी लेकर पटेल नगर लालपुल की तरफ गया. वहां उसने शहनूर के एटीएम कार्ड से 17,000/- रुपये कैश निकाले तथा उसके बाद लालपुर स्थित विशाल मेगा मॉर्ट से एक लाल रंग का बड़ा सूटकेस तथा मुस्कान चौक पर हार्डवेयर की दुकान से रस्सी खरीदी और अपने कमरे पर वापस आ गया.

शहनूर के पैसे से ही खरीदा सूटकेस
कमरे पर राशिद ने शहनूर के शव को लाल सूटकेस के अन्दर बंद किया तथा दोपहर के समय उक्त सूटकेस को शहनूर की स्कूटी की पिछली सीट बांधकर उसे आशारोडी के आगे सुनसान जगंल में एक खाई में फेंक दिया. इसके बाद राशिद पकड़े जाने के डर से शहनूर की स्कूटी लेकर अपने गांव बागोवाली मुजफ्फरनगर चला गया.

पानीपत में रह रहा था राशिद
कुछ दिन वहां रहने के बाद अपनी बहन के घर कलाआम रोड विद्यानंद कॉलोनी पानीपत चला गया. वहां पर राशिद पिकअप गाड़ी में हेल्पर का काम कर रहा था. 30 मार्च 2024 की रात में संस्कृति लोक कालोनी में स्थित किराये के कमरे से अपना सामान लेने के लिये देहरादून आया था. पूछताछ में राशिद ने शहनूर की स्कूटी, मोबाइल फोन तथा एटीएम कार्ड अपनी बहन के घर कलाआम रोड विद्यानंद कॉलोनी पानीपत में होने की जानकारी दी.

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