MP: अंग्रेजों के जमाने का नैरोगेज पुल ढहा, लोहा खोल रहे 5 मजदूर 50 फीट नीचे जा गिरे

मुरैना,

मुरैना में नैरोगेज ट्रेन के पुराने पुल का लोहा खोलते समय हादसा हो गया. दरअसल, पुलिस के एक हिस्से के साथ ही 5 मजदूर सीधे 50 फीट नीचे जमीन पर आ गिरे. सभी की हालकत गंभीर है. हदसे के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. यह घटना जौरा थाना क्षेत्र सिकरोदा क्वारी पुल. यह पुल सिंधिया रियासतकालीन है. ग्वालियर से श्यौपुर तक इस नैरोगेज पर ट्रेन चलती थी.

सभी मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में से दो मजदूरों को ग्वालियर रेफर किया गया है.दरअसल, मुरैना में अंग्रेजों के जमाने के बने नैरोगेज रेलवे ब्रिज को तोड़ने का काम चल रहा था. इस दौरान अचानक से ब्रिज का हिस्सा टूटकर 50 फीट नीचे आ गिरा. ब्रिज के साथ 5 मजदूर भी नीचे गिर गए.इस कारण सभी बुरी तरह से घायल हो गए.

नैरोगेज की जगह अब शुरू हो गई है ब्रॉडगेज लाइन
घायल मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के समय मजदूर ब्रिज में लगे लोहे को गैस कटर के जरिए काट रहे थे.बताया जाता है कि नैरोगेज रेलवे लाइन का ब्रॉडगेज में परिवर्तन होने के बाद पुराने पुल पर लोहा निकालने का काम चल रहा था. घटना का पता चलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है.

क्या है नैरोगेज रेलवे लाइन
शुरुआती दिनों में जब रेल यातायात शुरू हुई थी तो ट्रेनें नैरोगेज ट्रैक पर चलती थी. नैरोगेज एक प्रकार का रेलवे ट्रैक होता है. यह आम रेलवे ट्रैक यानी की ब्रॉडगेज से कम चौड़ा होता है. पुराने जमाने में नैरोगेज पर ही ट्रेने चलती थी. अभी भी देश में कुछ जगह नैरोगेज ट्रेन का छोटी दूरी के लिए परिचालन होता है. इसी तरह का नैरोगेज ट्रैक ग्वालियर से श्यौपुर तक बिछाई गई थी. इसे अंग्रेजों ने बनवाया था.

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