हमारी छवि बहुत खराब… ब्रह्मोस, पिनाका जैसे हथियार बेचकर मालामाल हुआ भारत तो पाकिस्तान‍ियों का छलका दर्द

इस्लामाबाद:

भारत ने रक्षा निर्यात में नया रिकॉर्ड बनाते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 21,083 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट किया है। ये बीते साल के मुकाबले में 32.5 फीसदी ज्यादा है। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा निर्यात में इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र और डीपीएसयू सहित हमारे रक्षा उद्योगों ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत फिलहाल 85 से ज्यादा देशों को हथियार प्रणालियों का निर्यात कर रहा है। भारत की रक्षा निर्यात में इस कामयाबी की पाकिस्तान में भी चर्चा हो रही है।

पाकिस्तान के यूट्यूबर सुहेब चौधरी ने भारत का हथियारों का निर्यात बढ़ने पर पाकिस्तान के लोगों से बात की है। सुहेब ने लोगों से ये जानना चाहा कि पाकिस्तान क्यों अपनी चीजें बनाने में पिछड़ रहा है जबकि भारत हथियारों के निर्माण में तेजी से बढ़ा है। सुहेब से बात करते हुए मियां यासीन ने कहा कि पाकिस्तान में काफी सारी चीजें अच्छी बन रही हैं लेकिन रक्षा में जरूर भारत से पिछड़ रहा है। इसकी एक बड़ी वजह ये है कि रिसर्च में पाकिस्तान का बजट कम है, ऐसे में अक्सर तकनीक से प्यार करने वाले स्टूडेंट विदेश चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स के आयटम खासतौर से पाकिस्तान में बन रहे हैं और दुनियाभर में ये जा रहे हैं लेकिन कहीं ना कहीं पाकिस्तान की छवि दुनिया में अच्छी नहीं है। इससे भी देश को नुकसान हो रहा है।

‘पाकिस्तान को दुनिया में अहमियत नहीं मिल रही’
आदिल हुसैन नकवी ने कहा, “पाकिस्तान के बारे में दुनिया के कई देशों में ये माना जाता है कि ये दो नंबरी लोग हैं। पाकिस्तान के चावल दुनियाभर में जा रहे हैं लेकिन बहुत से देशों में हमारे चावल को इंडिय का बताकर बेचा जा रहा है। ये बहुत जरूरी है कि दुनिया में हमारी छवि को बेहतर किया जाए, जिससे लोगों का भरोसा बने। पाकिस्तान में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। सब जगह अच्छे लोग हैं लेकिन उनको अपने मुल्क में काम ही नहीं मिल रहा है।

राणा इदरीश ने पाकिस्तान के हालात पर कहा कि तकनीक या हथियार एक्सपोर्ट के लिए माहौल जरूरी है। हमारे यहां इस तरह का माहौल नहीं कि लोग खुलकर ईमानदारी से काम कर सकें। लोगों को पाकिस्तान में भविष्य सुरक्षित नहीं लगता तो वो बहुत लंबा इन्वेस्ट ही नहीं करना चाहते। जो अच्छी समझ के होशयार लोग हैं, वो लंदन या अमेरिका चले जाते हैं। ऐसे में कैसे पाकिस्तान आगे बढ़ेगा। पाकिस्तान में एक भरोसे का माहौल बनेगा तभी यहां तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

मोहम्मद मोईन ने सुहेब से बात करते हुए कहा, “हम खुद पाकिस्तान के मुकाबले दूसरे देशों के प्रोडक्ट को तरजीह देते हैं। हमें लगता है कि हमारे प्रोडक्ट अच्छे नहीं है। अगर भारत की बात की जाए तो उनकी विदेश नीति की वजह से उनको निर्यात में फायदा मिलता है। भारत की सरकार भी आगे बढ़कर सपोर्ट करती है, सब्सिडी के जरिए मदद करती है। इससे कंपनियों को आसानी होती है। पाकिस्तान में इस तरह का माहौल नहीं है।”

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