सलमान केस में अब अनमोल बिश्नोई भी आरोपी, पुलिस ने बताया होली पर बिहार क्यों गए थे शूटर्स

मुंबई:

सलमान खान केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक दो शूटरों- विक्की गुप्ता और सागर पाल को आरोपी बनाया था जिन्हें मंगलवार को गिरफ्तार भी कर लिया गया। इस केस में अब आरोपी के रूप में अनमोल बिश्नोई का भी नाम जोड़ा गया है, जो जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का भाई है। मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को एनबीटी से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। अधिकारी के अनुसार, अनमोल के खिलाफ मुंबई में यह पहला केस दर्ज है।

पुर्तगाल का आईपी एड्रेस
मंगलवार को विक्की और सागर की रिमांड अप्लीकेशन में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक वॉन्टेड आरोपी का जिक्र किया था, लेकिन उसका नाम नहीं लिखा था। रिमांड अप्लीकेशन में एक केस डायरी का जिक्र किया गया था और कहा गया था कि एक आरोपी ने फेसबुक पर इस शूटआउट की जिम्मेदारी ली है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, इस फेसबुक अकाउंट को वेरीफाई किया गया है। इसके बाद अनमोल को आरोपी बनाया गया है। इस फेसबुक अकाउंट का आईपी अड्रेस पुर्तगाल का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि कई साल पहले अबू सलेम को पुर्तगाल से मुंबई डिपोर्ट किया गया था। पुर्तगाल शिफ्ट होने से पहले अबू सलेम अमेरिका में कई साल रहा था। अनमोल भी पिछले दो साल में अमेरिका के अलावा कनाडा और अन्य देशों में रहा है। पिछले साल उसके सर्बिया जाने और वहां दाऊद से मिलने की भी बात सामने आई थी।

शूटर्स से था अनमोल का संपर्क
मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार अनमोल सलमान केस में गिरफ्तार आरोपियों के साथ लंबे समय से संपर्क में था। इस अधिकारी के अनुसार, सागर जब चंडीगढ़ में था तो अनमोल के एक आदमी ने उसकी फोन से बात कराई थी। बाद में इस साजिश में सागर ने अपने ही गांव विक्की को भी जोड़ लिया था। दोनों आरोपी फरवरी में मुंबई आ गए थे। 10 मार्च को उन्होंने मकान भी किराए पर लिया था। इसके बाद दोनों 18 मार्च को होली मनाने बिहार अपने गांव गए। उसी दौरान दोनों ने वहां हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली। मुंबई आने के बाद उन्हें रिवॉल्वर दी गई, जिससे उन्होंने सलमान के घर पर गोलियां चलाईं। मुंबई आने के बाद 2 अप्रैल को उन्होंने 24 हजार में वह बाइक खरीदी, जिससे वे 14 अप्रैल को सुबह अभिनेता के घर के बाहर तक पहुंचे थे।

ऐसे केस हुआ डिटेक्ट?
जांच में यह बात सामने आई कि विक्की गुप्ता और सागर पाल के पास कुल पांच एंड्रॉयड मोबाइल थे। शूटआउट के बाद और फरारी के दौरान आरोपियों ने इनमें से चार नष्ट कर दिए थे। जो एक मोबाइल फोन दोनों आरोपी यूज कर रहे थे, उसका भी उन्होंने सिम कार्ड बदल दिया था। जब मुंबई पुलिस ने शूटआउट के बाद बांद्रा में माउंट मेरी चर्च के पास बाइक जब्त की तो उसके रजिस्ट्रेशन नंबर से मूल बाइक मालिक को ट्रेस किया था। उससे पूछताछ में जब एक आरोपी का मोबाइल नंबर मिला तो उस नंबर के सीडीआर में उस मकान मालिक का नंबर मिला जिससे आरोपियों ने पनवेल में किराए का 11 महीने के लिए घर लिया था। इस सीडीआर में एक और भी नंबर था जिससे पिछले कुछ दिनों में सबसे ज्यादा कॉल की गई थीं। यह एक आरोपी के भाई का नंबर था। जब उस नंबर को शूटआउट के बाद सर्विलांस पर रखा गया तो उसमें आरोपियों की लोकेशन भुज में मिली। इसके बाद उन्हें वहां से गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया।

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