चीन के गुलाम मुइज्जू ने जीता मालदीव का संसदीय चुनाव, भारत समर्थक MDP की करारी हार

माले

मालदीव की संसद मजलिस के लिए हुए चुनाव में चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। सत्तारूढ़ दल पीपुल्स नेशनल कांग्रेस ने मालदीव की 93 में से 90 सीटों पर चुनाव लड़ा था। प्रारंभिक नतीजों से पता चलता है कि पीएनसी ने मालदीव की संसद में बहुमत हासिल कर लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, पीएनसी 66 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) सिर्फ 12 सीटों पर आगे है। 8 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं, वहीं मालदीव डेवलपमेंट अलायंस दो सीट पर बढ़त बनाए हुए है।

राष्ट्रपति मुइज्जू के लिए चुनाव क्यों अहम?
मुइज्जू पिछले साल सितंबर में मोहम्मद सोलिह को हराकर राष्ट्रपति बने थे। संसद में अभी सोलिह की पार्टी मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत था। इससे मुइज्जू के लिए नए विधेयकों को पारित करना कठिन हो रहा था। ऐसे में नए कानून बनाने के लिए मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी के लिए संसदीय चुनाव जीतना जरूरी था।

कितने दल, उम्मीदवार मैदान में?
6 राजनीतिक दलों और स्वतंत्र समूहों ने संसद की 93 सीट के लिए 368 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जनसंख्या बढ़ने के बाद पिछली संसद की तुलना में छह सीट ज्यादा हैं। लगभग 2,84,000 लोग चुनाव में वोट डाल रहे हैं। मुइज्जू की पीपल्स नैशनल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी और निर्दलीय मैदान में हैं।

मालदीव का राष्ट्रपति चुनाव कितना अलग?
मालदीव में राष्ट्रपति को जनता सीधे तौर पर पांच साल के कार्यकाल के लिए चुनती है। 2023 के राष्ट्रपति चुनावों में मुइज्जू अपने प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद सोलिह को हराकर विजयी हुए थे। वहीं, संसद जिसे मजलिस कहते हैं, उसके लिए अलग वोटिंग होती हैं। इसके सभी सदस्य 5 साल के लिए चुने जाते हैं।

मुइज्जू के पद पर क्या असर होगा?
वोटिंग का असर मुइज्जू के राष्ट्रपति पद पर नहीं पड़ेगा, लेकिन जीत उनके लिए अहम होगी। चुनाव से कुछ ही दिन पहले ही 2018 की कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट लीक होने के बाद विपक्ष ने राष्ट्रपति की जांच और महाभियोग की मांग की है। इसके अलावा जब से मुइज्जू ने पदभार संभाला है, सांसदों ने उनके नामितों 3 नेताओं को कैबिनेट में शामिल करने पर रोक लगा दी है। मुइज्जू की पार्टी कह रही है कि वोटर्स ऐसा बहुमत चुनें जो उनके राष्ट्रपति अभियान के वादों को तेजी से पूरा करेगा। विपक्षी दल, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था सहित क्षेत्रों पर मुइज्जू सरकार की आलोचना कर रहे हैं। वे बहुमत की मांग कर रहे हैं जो उनकी सरकार को जवाबदेह ठहरा सके।

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