केजरीवाल अपने डॉक्टर से बात करना चाहते हैं… क्या प्राइवेट डॉक्टर के तिहाड़ में एंट्री पर है रोक?

नई दिल्ली:

देश में एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हैं। वहीं दूसरी तरफ शराब घोटाला मामले में तिहाड़ जेल में बंद सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर दिल्ली का सियासी पारा हाई है। जेल में बंद केजरीवाल के शुगर लेवल की जांच और सेहत को लेकर आम आदमी पार्टी और दिल्ली एलजी ऑफिस आमने-सामने हैं। केजरीवाल के इंसुलिन लेवल का विवाद बढ़ता जा रहा है। दरअसल केजरीवाल को तिहाड़ जेल में उनकी डायबिटीज की दवा को लेकर कुछ परेशानी हुई थी। LG कार्यालय ने जेल महानिदेशक को 24 घंटे में पूरी जानकारी वाली रिपोर्ट देने को कहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल को पहले मेटफॉर्मिन की गोली दी जा रही थी। लेकिन हिरासत में उनकी शुगर बढ़ने की शिकायत के बाद उन्हें डॉक्टर ने दूसरी दवा दी। तिहाड़ जेल में आने के बाद केजरीवाल ने बताया कि वो पहले RML अस्पताल के डॉक्टरों की बताई हुई दवा खा रहे थे।साथ ही हिरासत में उन्हें शुगर कम होने की भी एक परेशानी हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि केजरीवाल को कभी भी इंसुलिन देने से मना नहीं किया गया। केजरीवाल वीडियो कॉल पर अपने डॉक्टर से बात करना चाहते थे, ये बात AAP के कार्यकर्ताओं ने भी कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।

लेकिन रिपोर्ट में जून 2022 के सरकारी आदेश का हवाला दिया गया है, जिसके मुताबिक किसी भी प्राइवेट अस्पताल में मरीज को रेफर करने की इजाजत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 3 अप्रैल को एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने जेल में केजरीवाल की जांच की और उन्हें दवाइयां जारी रखने की सलाह दी। उनकी तबीयत पर हर रोज नजर रखी गई और उनकी शुगर भी जांची गई। रिपोर्ट में आरएमएल अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि केजरीवाल को न तो इंसुलिन की सलाह दी गई है और न ही उनके मामले में इंसुलिन की कोई आवश्यकता बताई गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री मधुमेह की ओरल दवा लेते हैं।

AAP ने क्या आरोप लगाए?
आप नेता आतिशी ने आरोप लगाया था कि बार-बार अनुरोध के बावजूद जेल अधिकारियों द्वारा उन्हें इंसुलिन उपलब्ध नहीं कराने से केजरीवाल का शुगर लेवल काफी बढ़ गया था। इसके बाद 18 अप्रैल को एलजी सक्सेना ने डीजी जेल को 24 घंटे के भीतर एक तथ्यात्मक और व्यापक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। उसी दिन, ईडी ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि केजरीवाल अपनी जमानत के लिए मामला बनाने के लिए अपने शुगर का स्तर बढ़ाने के लिए जानबूझकर आम आदि खा रहे थे। एलजी को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि केजरीवाल, जिनका तेलंगाना में एक डॉक्टर से मधुमेह का इलाज चल रहा था, ने कुछ महीने पहले इंसुलिन लेना बंद कर दिया था और अपनी गिरफ्तारी के समय, वह केवल मेटफॉर्मिन नाम की एक बुनियादी मधुमेह की दवा ले रहे थे।

क्या है केजरीवाल का डाइट प्लान?
जेल प्रशासन ने यह भी कहा कि सरकारी परिपत्र के अनुसार, किसी भी निजी अस्पताल में कोई रेफरल नहीं किया जा सकता है, जैसा कि केजरीवाल ने मांग की थी। केजरीवाल के लिए एम्स द्वारा प्रदान आहार योजना में पूड़ी, पराठा, समोसा, पकौड़ा, नमकीन, भुजिया, अचार, पापड़, मिठाई, केक, जैम, चॉकलेट, चीनी, गुड़, शहद, आइसक्रीम जैसे तले हुए भोजन और आम, केला, चीकू, लीची और अंगूर जैसे फलों पर ‘सख्ती से प्रतिबंध’ लगाया गया है। उन्हें अपने भोजन में प्रति दिन केवल 20 मिलीलीटर तेल का सेवन करने की अनुमति है।

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