नीतीश-लालू के कैंडिडेट पर भारी पड़ रहे पप्पू यादव! बिहार के पूर्णिया में उल्टा पड़ा सत्ता और विपक्ष का दांव

पूर्णिया

बिहार के पूर्णिया लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बनाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की लड़ाई के बीच निर्दलीय प्रत्याशी पप्पू यादव चर्चा का विषय बने हुए हैं। बिहार के पूर्वोत्तर कोने में स्थित पूर्णिया साहित्य प्रेमियों के लिए काफी प्रसिद्ध रहा है, जहां हिंदी के कालजयी रचनाकार फणीश्वर नाथ रेणु ने अपना पूरा जीवन बिताया और हिरामन जैसा प्रसिद्ध किरदार गढ़ा, जिसे बड़े पर्दे पर राज कपूर ने ‘तीसरी कसम’ में निभाया था। राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव 1990 के दशक में पूर्णिया लोकसभा सीट का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

लड़ाई हो गई रोचक
पूर्णिया लोकसभा सीट पर इस बार का चुनाव रोचक दिखाई दे रहा है क्योंकि कुछ सर्वेक्षणों के अनुसार इस सीट के परिणाम हैरान करने वाले हो सकते हैं। यादव ने दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में और एक बार समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार के तौर पर पूर्णिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के निवर्तमान सांसद संतोष कुशवाहा का लक्ष्य ‘हैट्रिक’ लगाना है जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी से पाला बदलकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हुईं विधायक बीमा भारती विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं।

पप्पू के पक्ष में पूर्णिया
कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन के पति पप्पू यादव ने हाल ही में अपनी जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में इस आस पर विलय कर दिया था कि उन्हें पूर्णिया से टिकट मिल जाएगा लेकिन उनकी उम्मीद पर उस समय पानी फिर गया जब महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के समझौते के तहत यह सीट राजद के खाते में चली गयी। पप्पू यादव एक मोटरसाइकिल जुलूस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे। हालांकि कांग्रेस ने अब तक पप्पू यादव के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है लेकिन किसी भी शीर्ष नेता द्वारा उनके समर्थन में आने से इनकार को परोक्ष उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, राहुल गांधी ने शनिवार को भागलपुर में अपनी चुनावी रैली के दौरान लोगों से बीमा भारती का समर्थन करने की अपील की थी।

स्थानीय लोगों का समर्थन
स्थानीय लोगों का मानना है कि पप्पू यादव पिछले एक साल से ‘‘प्रणाम पूर्णिया’’ अभियान को बड़े जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे है। इस अभियान ने उन्हें उस क्षेत्र में लोकप्रियता हासिल करने में मदद की है। इसी सीट से निवर्तमान सांसद को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। खबरों में बने रहने में माहिर पप्पू यादव समर्थन हासिल करने के लिए और आम लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए उनके साथ भोजन कर रहे हैं और इस दौरान टिकट नहीं मिलने कारण हुए ‘‘अपमान’’ को याद करते हुए रोने लगते हैं। समाज के सभी वर्गों से समर्थन का दावा करने वाले पप्पू यादव भाजपा के उच्च जाति आधार और राजद के ‘‘मुस्लिम-यादव’’ जनाधार में सेंधमारी का दावा कर रहे हैं । पूर्णिया जिला की रूपौली विधानसभा सीट का पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुकी बीमा भारती की गंगोटा जाति से आती हैं और इस जाति की अच्छी खासी उपस्थिति है। भारती के नामांकन दाखिल करने के दिन राजत नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। पूर्णिया लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को मतदान होना है।

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