पूरे साल रुलाएगा आलू, अभी और बढ़ेगी कीमत, जानिए क्या है वजह

नई दिल्ली:

आलू की बढ़ी कीमत से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। जानकारों का कहना है कि जब तक नई फसल नहीं आ जाती, तब तक आलू की कीमत आम लोगों को परेशान करती रहेंगी। आलू व्यापारियों के मुताबिक आलू की कीमतों में 5-10% तक और बढ़ोतरी होगी, क्योंकि बेमौसम बारिश ने फसल प्रभावित हुई है। कोल्ड स्टोरेज मालिक इस तरह आलू को रिलीज कर रहे हैं ताकि नई फसल आने तक घरेलू खपत को पूरा किया जा सके। देश में सबसे ज्यादा आलू उत्तर प्रदेश में होता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू की जमाखोरी के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं आगरा के कोल्ड स्टोरेज कीमत बढ़ाने के लिए जमाखोरी तो नहीं कर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद, आलू की आवाजाही पर पूरे राज्य में निगरानी रखी जाएगी।

फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद अग्रवाल ने कहा कि इस साल पूरे देश में आलू की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज में स्टॉक भी कम हो रहा है, क्योंकि लोग आलू का अधिक सेवन कर रहे हैं, जबकि अन्य सब्जियां गर्मी के कारण खराब हो गई हैं। ऐसी स्थिति में, जब मांग अधिक और आपूर्ति कम होगी, कीमतें बढ़ेंगी। आने वाले हफ्तों में कीमतें 5-10% तक और बढ़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अब तक 17 मिलियन टन आलू का उत्पादन हुआ है।

टमाटर की कीमत घटी
इस बीच टमाटर की कीमत में गिरावट आई है। मंडी में टमाटर की आवक बढ़ गई है। आजादपुर टमाटर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने कहा कि गर्मी के कारण टमाटर की काफी फसल बर्बाद हो गई थी, जिससे कीमतें बढ़ गई थीं। किसानों ने फिर से फसल उगाई है और अब राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से आवक में सुधार हुआ है, जिससे कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट आई है। मंडी में थोक स्तर पर कीमतें 5-15 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रही हैं।

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