चुनावों के बाद लगेगा जोर का झटका :25% बढ़ सकता है आपके मोबाइल का बिल

नई दिल्ली:

मोबाइल फोन यूजर्स को आम चुनावों के बाद जोर का झटका लग सकता है। उनके बिल में करीब 25% की बढ़ोतरी हो सकती है। टेलिकॉम कंपनियां हाल के वर्षों में चौथी बार टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में हैं। 2019 से 2023 के बीच इन कंपनियों ने तीन बार टैरिफ में बढ़ोतरी की थी। इससे उनके प्रति यूजर एवरेज रेवेन्यू (ARPU) में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म एक्सिस कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक टेलिकॉम कंपनियां जल्दी ही टैरिफ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकती हैं। इन कंपनियों ने 5जी पर भारी निवेश किया है और अब उन्हें अपना मुनाफा बढ़ाने की जरूरत है। इससे शहरी परिवारों के लिए टेलिकॉम पर पर ग्राहकों का खर्च कुल व्यय के 3.2% से बढ़कर 3.6% हो जाएगा, जबकि ग्रामीण ग्राहकों के लिए यह 5.2% से बढ़कर 5.9% हो जाएगा।

एक्सिस कैपिटल ने अनुमान लगाया है कि टैरिफ में लगभग 25% की बढ़ोतरी से टेलिकॉम कंपनियों के लिए ARPU में 16% की बढ़ोतरी होगी। भारती एयरटेल के लिए यह 29 रुपये और जियो के लिए 26 रुपये होगी। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी जियो ने मार्च तिमाही के लिए 181.7 रुपये का ARPU दर्ज किया। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए अक्टूबर-दिसंबर 2023 की अवधि के लिए यह क्रमशः 208 रुपये और 145 रुपये रहा था। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने अब तक मार्च तिमाही के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा
डेलॉयट के साउथ एशिया में टीएमटी इंडस्ट्री लीडर पीयूष वैश ने कहा कि टेलिकॉम ऑपरेटर टैरिफ बढ़ाकर 5जी में अपने पूंजीगत निवेश के मॉनीटाइजेशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक एआरपीयू में 10-15% की बढ़ोतरी होगी। यह प्रति ग्राहक लगभग 100 रुपये होगी। इसके लिए कंपनियां 4जी/5जी टैरिफ में बढ़ोतरी करेंगी और कुछ कम मूल्य वाले पैक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करेंगी। वैश ने कहा कि इस बढ़ोतरी से ग्राहकों की संख्या में गिरावट आने की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब तक उन्हें हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलती रहेगी, उपभोक्ता दूरसंचार सेवाओं के लिए भुगतान करने को तैयार रहेंगे।’

विश्लेषकों का अनुमान है कि वायरलेस पैक की कीमत में वृद्धि से भारती एयरटेल और जियो को सबसे अधिक लाभ होगा। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों कंपनियों ने सितंबर 2019 और सितंबर 2023 के बीच अपने एआरपीयू में क्रमशः 58% और 33% की वृद्धि की है, जबकि पिछले तीन टैरिफ बढ़ोतरी में दरों में 14-102% की वृद्धि देखी गई थी। इस अवधि के दौरान वीआई ने ARPU में 33% की वृद्धि देखी, जबकि ओवरऑल वायरलेस रेवेन्यू में 7% की गिरावट आई। मुंबई एक एक ब्रोकरेज एनालिस्ट ने बताया कि वोडाफोन के ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आई है जिससे उसने टैरिफ बढ़ोतरी और लो वैल्यू पैक से ग्राहकों के अपग्रेडेशन का फायदा गंवा दिया है। तीनों बार की टैरिफ बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी का वायरलेस रेवेन्यू सितंबर 2019 से नीचे बना हुआ है।

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