अक्षय कुमार ने आज डाला अपना पहला वोट, जानिए भारत में कैसे मिल जाती है विदेशी को नागरिकता

दुनिया के दूसरे देशों की तरह ही भारत में भी 2 तरह के लोग निवास करते हैं। एक भारतीय और दूसरा विदेशी। जिस तरह से दूसरे देशों में वहां के लोगों को विशेष अधिकार दिए जाते हैं और बाहर के नागरिकों को सीमित राइट्स ही देने का नियम होता है। उसी तरह से भारत में भी हर नागरिक के अपने अधिकार होते है। कई जरूरी चीजों को पूरा करने के बाद ही व्यक्ति को नागरिकता मिलती है और कुछ ऐसा ही हुआ अक्षय कुमार के साथ, जो काफी समय से भारतीय नागरिक के लिए लड़ाई लड़ रहे थे उन्हें आखिरकार पिछले साल अगस्त के महीने में ही जाकर इंडियन सिटिजनशिप हासिल हुई।

बता दें, आज उन्होंने भारतीय नागरिक होने के चलते मुंबई में अपना पहला वोट डाला। अगर आपके भी मन में ये सवाल है आखिर विदेशियों को इंडियन सिटिजनशिप कैसे मिलती है? क्या चीजें दिखानी पड़ती हैं, कितने समय तक इंतजार करना पड़ता है, तो चलिए आज हम आपके इन सवालों के जवाब देते हैं।

जन्म से मिलती है नागरिकता
अगर किसी व्यक्ति का भारत में 26 जनवरी 1950 को हुआ है या उसके बाद जन्म है, लेकिन 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लिए व्यक्ति को नागरिक तभी माना जाएगा, जब उसके माता-पिता का जन्म यही हुआ हो। अगर किसी का जन्म 3 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है तब उसे भारत का निवासी तभी कहेंगे, जब उसके माता-पिता भारत के नागरिक हो।

वंश के आधार पर मिलती है नागरिकता
किसी व्यक्ति का जन्म 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद एकदम 10 दिसंबर 1992 से पहले भारत के बाहर हुआ है और उसके जन्म के समय उसका पति भारत का नागरिक है तो वो भारत का नागरिक हो तो वो भारत का नागरिक कहला सकता है।

रजिस्ट्रेशन द्वारा
अगर कोई व्यक्ति भारत सरकार के नजदीक रजिस्ट्रेशन करता है, तो वो भारत का नागरिक तभी बनेगा जब व्यक्ति आवेदन करने से 7 साल पहले भारत में रह चुका हो। वहीं व्यक्ति जिसने किसी भारतीय नागरिक से शादी की हो और आवेदन से पहले भारत में 7 साल रह चुका हो।

प्राकृतिक तरीके से नागरिकता
केंद्र सरकार पर आवेदन प्राप्त होने पर किसी व्यक्ति को नागरिकता को तभी मिल सकती है, अगर वो भारत में रह रहा हो या फिर भारत सरकार की सेवा में हो या नागरिकता आवेदन से पहले कम से कम 12 महीने पहले से भारत में रह रहे हो। वो किसी देश से हो जहां के नागरिक प्राकृतिक रूप से नागरिक नहीं बन सकते। उनका चरित्र अच्छा होना चाहिए।

किसी क्षेत्र के मिलने पर भी मिलती है नागरिकता
किसी क्षेत्र को अपने देश में मिलाने से भी नागरिकता मिल सकती है। अगर कोई विदेशी क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है, तो उस क्षेत्र के व्यक्ति को भारत की नागरिकता मिल जाती है।

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