‘सपोर्ट करने का सवाल ही नहीं, कठोर कार्रवाई होगी…’, पुणे पोर्श केस में राहुल गांधी को रामदास अठावले का जवाब

वाराणसी ,

मोदी सरकार में मंत्री रामदास अठावले वाराणसी पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में बयान दिया. अठावले ने कहा कि घटना सीरियस है और लड़का अरेस्ट हो चुका है. 17 साल का होने की वजह से उसे जमानत मिल गई, लेकिन उसके बिल्डर पिता को भी पकड़ा गया है. इस केस में किसी को सपोर्ट करने का विषय नहीं है. कठोर कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, पुणे में अपनी पोर्श कार से दो लोगों को रौंदने वाले किशोर को जमानत दिए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में अमीरों को प्रिविलेज है. ऐसे में जब इसको लेकर रामदास अठावले से सवाल पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि इस मामले में किसी को सपोर्ट करने का सवाल नहीं है. दोषी पर कार्रवाई की जा रही है.

अठावले ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे ही बोलते रहते हैं. उनके बोलने के पीछे कोई तथ्य नहीं है. घटना गंभीर है. आरोपी लड़का अरेस्ट हो चुका है. हालांकि, 17 साल का होने की वजह से उसे जमानत मिल गई, लेकिन उसके पिता को भी पकड़ लिया गया है. इस केस में कठोर कार्रवाई का निर्णय सरकार ने लिया है. अभी जांच चल रही है. पुलिस पर भी करवाई होनी चाहिए, ऐसी मेरी मांग है.

बकौल अठावले- दारू के बार रात रातभर चलाना ठीक नहीं है. वहीं, 17 साल का लड़का 48 हजार का बिल पे कर रहा है के सवाल पर रामदास अठावले ने कहा कि बड़े बाप का बेटा है तो इतना बिल आया होगा. लेकिन इतनी रात में बार चलना ठीक नहीं है. इसकी भी जांच होनी चाहिए.

क्या था राहुल का बयान?
राहुल ने अपने वीडियो मैसेज में कहा था, ‘अगर कोई बस ड्राइवर, ट्रक ड्राइवर, ओला, उबर, ऑटो ड्राइवर गलती से किसी को मार देते हैं तो उन्हें 10 साल जेल की सजा हो जाती है और चाभी उठाकर फेंक दी जाती है. लेकिन अगर कोई अमीर घर का 16-17 साल का बेटा पोर्श गाड़ी को शराब पीकर चलाता है और दो लोगों की हत्या करता है तो उससे कहा जाता है कि निबंध लिख दो.’

उन्होंने यह भी कहा-‘निबंध ट्रक ड्राइवर, बस ड्राइवर से क्यों नहीं लिखवाते, उबर ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर से क्यों नहीं लिखवाते.’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि दो हिंदुस्तान बन रहे हैं, एक अरबपतियों का, एक गरीबों का. उनका जवाब आता है कि क्या मैं सबको गरीब बना दूं. सवाल यह नहीं है, सवाल न्याय का है. अमीरों को और गरीबों को, दोनों को न्याय मिलना चाहिए. न्याय सबके लिए एक जैसा होना चाहिए. इसीलिए हम लड़ रहे हैं. अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं.’

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