चार दिन बिस्किट और सैंडविच खाकर तीन देशों की यात्रा, किर्गिस्तान से वापस घर लौटे छात्रों की आपबीती

बड़वानी /खरगोन:

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हिंसा भड़कने के बाद वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मध्य प्रदेश के बड़वानी और खरगोन जिले के दो छात्र सकुशल घर लौट आए हैं। एक छात्र ने चार दिन में तीन देशों की यात्रा करने के बाद भारत पहुंच कर राहत की सांस ली।

रविवार को एमबीबीएस के आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे चेतन मालवीय बड़वानी जिले के चाचरिया सकुशल लौट आए। चेतन मालवीय ने बताया कि वह 22 को बिश्केक से दिल्ली की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां एयरपोर्ट के अंदर जाने नहीं दिया गया। वहां यह अफवाह फैल गई की फ्लाइट में बम रखा हुआ है। चेतन ने बताया कि उसने राजस्थान के भरतपुर निवासी दो तथा दौसा निवासी एक अन्य छात्र के साथ वहां से 426 किलोमीटर दूर अल्माटी के लिए कैब हायर की। वह बिश्केक से 22 मई की शाम 7:00 बजे चले और 2:00 बजे रात कजाकिस्तान के शहर अल्माटी पहुंच गए।

तीन देशों से होकर पहुंचे अपने घर
उन्होंने बताया कि 23 को कोई फ्लाइट नहीं थी इसलिए वे 24 की सुबह 8:45 पर फ्लाइट से अल्माटी से 800 किमी दूर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के लिए निकले। वे ढाई घंटे में वहां पहुंच गए, लेकिन दिल्ली की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट पर उन्हें 20 घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे 25 मई की सुबह 8:45 पर 1570 किमी दूर दिल्ली के लिए उड़े और दोपहर 12:15 पर अपने देश पहुंच गए। यहां उसके बड़े भाई गौरव ने उसका स्वागत किया। इसके बाद शनिवार की रात वे दिल्ली से ट्रेन में बैठे और रविवार सुबह इंदौर होते हुए अपने ग्राम चाचरिया पहुंच गए। यहां परिवार समेत ग्राम वासियों ने उनका स्वागत किया।

बिस्किट और सैंडविच खाकर की यात्रा
उन्होंने बताया इन चार दिनों में उन्होंने केवल बिस्किट और सैंडविच खाकर गुजारा किया। उसने बताया कि वह बिश्केक के इंटरनेशनल स्कूल आफ मेडिसिन के छात्र हैं। फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है और 15 अगस्त के बाद वह परीक्षा देने वापिस जायेंगे। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए वहां पांच अन्य यूनिवर्सिटीज है। हालांकि पढ़ाई और स्थिति के बेहतर हो जाने का का हवाला देते हुए कुछ यूनिवर्सिटी छात्रों को भारत नहीं लौटने दे रही है।

खरगोन का छात्र भी लौटा घर
इसी तरह खरगोन जिले के सनावद में कुशाग्र सावनेर के किर्गिस्तान से सकुशल वापस लौटने पर घर पर खुशी का माहौल था। उसने बताया कि इंडियन एम्बेसी की मदद से वह भारत लौटा। वह अक्टूबर 2023 में 5 साल के एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान गया था। उसने बताया की 17 मई को छात्रो में हुए विवाद के बाद कालेज प्रबंधन वापस भारत जाने के निर्देश दिये है। अभी वहां हालात सुधर रहे है, लेकिन सुरक्षा के चलते घर आ गया।

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