पप्पू यादव के साथ ये क्या! सासंद बनने की शपथ लिए नहीं कि रंगदारी मामले में FIR

पूर्णिया

नवनिर्वाचित निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अब तक सांसद पद की शपथ भी नहीं ली है और रंगदारी मामले में नामजद हो गए। पूर्णिया के मुफस्सिल थाने में एक करोड़ की रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज हुई है। इस एफआईआर में अमित यादव नाम के एक शख्स पर पप्पू यादव के नाम पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। पूर्णिया बाइपास स्थित फर्नीचर दुकान के मालिक ने ये प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें एक करोड़ रुपए नहीं देने पर पूर्णिया छोड़कर चले जाने और जान से मारने की धमकी देने की बात कही गई है।

पप्पू यादव पर रंगदारी मामले में एफआईआर
पूर्णिया से नए-नवेले सांसद बने पप्पू यादव पर रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। पूर्णिया पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून 2024 को फर्नीचर व्यवसायी के द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया है। इसमें बताया गया है कि 2 अप्रैल 2021 को पप्पू यादव के द्वारा 10 लाख रुपए रंगदारी टैक्स की मांग की गई थी। फिर वर्ष 2023 के दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल और वाट्सऐप कॉल पर 15 लाख रुपए और दो सोफा सेट मांगा गया था। इसके साथ ही धमकी और गाली-गलौज किया गया था।

लोकसभा चुनाव के दौरान भी रंगदारी मांगने का आरोप
इतना ही नहीं, लोकसभा चुनाव के दौरान भी पप्पू यादव के खास अमित यादव ने 5 अप्रैल 2024 को मोबाइल पर करीब 10-15 कॉल किया। अर्जुन भवन (पूर्णिया में पप्पू यादव का घर) पर बुलाया गया। 25 लाख रुपए रंगदारी की बात फर्नीचर व्यवसायी ने कही है। फिर 4 जून 2024 को दोबारा फर्नीचर व्यवसायी के मोबाइल पर अमित यादव द्वारा धमकी दिया गया। अमित यादव ने कहा कि अब 5 साल पूर्णिया में ही रहना है। एक करोड़ रुपए नहीं देने पर पूर्णिया छोड़कर जाने की धमकी के साथ जान से मारने की बात कही गई।

रंगदारी मामले की पूर्णिया पुलिस कर रही जांच
पूर्णिया पुलिस ने कहा है कि फर्नीचर कारोबारी ने अपने आवेदन में सांसद पप्पू यादव और अमित यादव पर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 93/2024 दर्ज कराई है। 10 जून 2024 को दर्ज मामले में धारा 385/504/506/34 लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

पप्पू यादव ने साजिश के तहत फंसाने का लगाया आरोप
पूरे मामले पर नवनिर्वाचित सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि ‘देश प्रदेश की राजनीति में मेरे बढ़ते प्रभाव और आम लोगों के बढ़ते स्नेह से परेशान लोगों ने आज पूर्णिया में घृणित षड्यंत्र रचा है। एक अधिकारी और विरोधियों के इस साजिश को पूर्ण रूप से बेनकाब करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के अधीन इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए, जो दोषी हो उसे फांसी दे दें।’

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