‘महाराष्ट्र में तीन महीने में बदलने वाली है सरकार…’, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग में बोले संजय राउत

मुंबई,

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार को शिवसेना यूबीटी कार्यकर्ताओं की बैठक में संजय राउत पहुंचे. इस दौरान उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे. संजय राउत ने कहा कि आने वाले तीन महीनों में राज्य में सरकार बदलने वाली है और नई सरकार का सूत्र उद्धव ठाकरे के हाथ में होगा.

पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की सियासत में उठापटक मची हुई है. कांग्रेस द्वारा उद्धव ठाकरे पर आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की एकतरफा घोषणा करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, दोनों दलों ने बुधवार को समझौते को अंतिम रूप दे दिया. इसमें शिवसेना (यूबीटी) ने चार में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया, जबकि कांग्रेस पार्टी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी.

कांग्रेस ने कोंकण स्नातक और नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आगामी विधान परिषद चुनावों के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) द्वारा ‘एकतरफा’ उम्मीदवारों की घोषणा पर नाराजगी व्यक्त की थी. कांग्रेस ने उद्धव सेना से अपने उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के लिए कहा था. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने अपना विरोध जताते हुए कहा था, ‘उद्धव ठाकरे ने गठबंधन (महा विकास अघाड़ी) सहयोगियों से परामर्श किए बिना नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कांग्रेस द्वारा तय किए गए उम्मीदवार को अपना प्रत्याशी बना दिया. हमें उम्मीद थी कि (महा विकास अघाड़ी) घटक दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही उम्मीदवारों और सीटों को अंतिम रूप दिया जाएगा’.

बता दें कि एमवीए में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी और शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं. चार विधान परिषद सीटों- मुंबई स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, कोंकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, मुंबई शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र- के लिए द्विवार्षिक चुनाव आवश्यक हो रहे हैं, क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है. कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि जब उम्मीदवारों की घोषणा की गई तो उन्होंने उद्धव ठाकरे से संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख विदेश में थे. इसलिए उनसे बात नहीं हो पाई थी.

पटोले ने कहा कि कांग्रेस ने नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए संदीप गुल्वे की उम्मीदवारी को अंतिम रूप दे दिया था और ठाकरे को इस बारे में सूचित किया था. लेकिन बाद में बिना किसी चर्चा के गुल्वे को शिवसेना (यूबीटी) में शामिल कर लिया गया और उन्हें उद्धव की पार्टी ने अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा. उन्होंने कहा, ‘मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि अगर हम सामूहिक रूप से इन चार एमएलसी सीटों पर सीट-बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लें तो हम सभी के लिए जीतना आसान हो जाएगा.’

चार विधान परिषद सीटों के लिए है चुनाव
एमएलसी चुनावों के लिए, शिवसेना (यूबीटी) ने क्रमशः मुंबई स्नातक और मुंबई शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अनिल परब और जेएम अभ्यंकर को नामित किया है. परब राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री हैं और अभ्यंकर शिवसेना (यूबीटी) शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रमुख हैं. महाराष्ट्र विधान परिषद की 78 सीटों में से शिवसेना (अविभाजित) के 11, एनसीपी (अविभाजित) के 9, कांग्रेस के 8 और बीजेपी के 22 सदस्य हैं. जद (यू), पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के एक-एक सदस्य हैं, जबकि चार निर्दलीय हैं. 21 सीटें खाली हैं. रिक्त सीटों में 12 सदस्य राज्यपाल द्वारा नामित किए जाएंगे और नौ स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के माध्यम से चुने जाएंगे. शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अधिकांश एमएलसी क्रमशः मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाले खेमों में चले गए हैं.

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