जिसने जुर्म किया है उसे ही जांच सौंप दी जाए तो… दिग्विजय सिंह ने NEET घोटाले में पीएम मोदी से कर दी बड़ी मांग

भोपाल

नीट यूजी की परीक्षा के रिजल्ट को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी और धर्मेंद्र प्रधान से कई सारे सवाल दागे हैं। नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री इस समस्या पर चुप क्यों हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि व्यापम घोटाले से लेकर NEET घोटाले तक लगभग 41 स्थानों पर राज्य व केंद्र सरकारों में शासकीय भर्ती के विषय पर जब भी परीक्षाएं हुई उनमें पेपर लीक की समस्याएं हुई हैं। दुख इस बात का है कि प्रधानमंत्री चुप हैं। यह भी बताया जा रहा है कि एक छात्र जिसे NEET में 720 अंक आए वह 12वीं में फेल हुआ है।

परीक्षा को रद्द करने की मांग की
दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मैं प्रधानमंत्री और धर्मेंद्र प्रधान से पूछना चाहता हूं कि प्रदीप कुमार जोशी UPSC के अध्यक्ष रहे, अब NTA के अध्यक्ष बनाए गए हैं, उन्हीं की अध्यक्षता में इतना बड़ा घोटाला हुआ है लेकिन जांच के आदेश भी वही दे रहे हैं और जांच भी वही करेंगे। यदि जिसने जुर्म किया है, उसे जांच सौंप दी जाए तो घोटाले कैसे कम होंगे? जिस दिन NEET परीक्षा हो रही थी बिहार, गुजरात में मामले दर्ज हुए, NTA कहती है कि कोई अनियमितता नहीं हुई है। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। मैं इस मामले की तकनीकी फॉरेंसिक जांच की मांग करता हूं। मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करूंगा कि पूरी NEET परीक्षा को रद्द करें और फिर से परीक्षा हो।

खरगे भी दे चुके हैं बयान
बता दें कि इसके पहले कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस परीक्षा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि परीक्षा में केवल ग्रेस मार्क की समस्या नहीं थी। यहां धांधली हुई है। पेपर लीक हुआ है। भ्रष्टाचार हुआ है। नीट परीक्षा में बैठे लाखों छात्राओं का भविष्य मोदी सरकार ने दांव पर लगा दिया है।

About bheldn

Check Also

यूपी में सामूहिक धर्मांतरण? तौकीर रजा ने कार्यक्रम की मांगी अनुमति, धर्म बदलने के बाद होगा निकाह

बरेली , इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IEMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा एक बार फिर चर्चा में …