NEET धांधली मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 20 छात्र, याचिका में 620+ अंक लाए छात्रों की फॉरेंसिक जांच की मांग

नई दिल्ली,

NEET UG 2024 की परीक्षा की विसंगतियों को लेकर 20 छात्रों का एक ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पांच मई को हुई इस परीक्षा की जांच CBI या किसी दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने की मांग की है. फिलहाल नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच को लेकर पहले ही कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं. कोर्ट सभी याचिकाओं को जोड़कर 8 जुलाई को सुनवाई करेगी.

नीट में 620 से ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों की फॉरेंसिक जांच की मांग
अब 20 अन्य छात्रों के एक ग्रुप ने भी नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. तन्मय शर्मा और अन्य की तरफ से दाखिल की गई याचिका में इस परीक्षा में 620 अंक से ज्यादा पाने वाले छात्रों की अकादमिक और फॉरेंसिक जांच की मांग की गई है. छात्रों की अपील है कि सुप्रीम कोर्ट किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित की गई कमेटी के द्वारा जांच कराए जाने का आदेश जारी करे.

री-नीट एग्जाम की भी मांग
इसके अलावा में NEET की इस परीक्षा को दोबारा कराए जाने की मांग करते हुए याचिका मे केंद्र सरकार और इस परीक्षा को करने वाली एजेंसियों को परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बरतने,पेपर लीक न होने और परीक्षा के दौरान गलत तरीकों के इस्तेमाल भविष्य न हो इसके लिए उचित कदम उठाए जाने का निर्देश देने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में 8 जुलाई को सुनवाई
14 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट समेत सात उच्च न्यायलयों में दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़ा है. साथ ही नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज करने से इनकार दिया है. कोर्ट 8 जुलाई को इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. अब उम्मीद है कि 20 छात्रों की याचिका और आगे नीट पर दाखिल होने वाली याचिकाओं को जोड़कर सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को ही सुनवाई करे.

बता दें कि अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी NEET UG 2024 की परीक्षा 5 मई को देशभर के 4000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. परिणाम घोषित होने से पहली ही 1 जून को नीट पेपर लीक की याचिका दाखिल की गई थी, इसके बाद नीट रिजल्ट में 67 छात्रों को टॉपर घोषित करने के बाद परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े हुए थे.

एनटीए ने जवाब में बताया था कि 6 एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम का कंपनसेशन के तौर पर 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए थे, जिसकी वजह से अधिक संख्या में छात्रों के मार्क्स बढ़ गए और 67 को 720 में से 720 मार्क्स मिले. हालांकि काफी जद्दोजहद के बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने ग्रेस मार्क्स रद्द करके उन 1563 छात्रों री-एग्जाम या बिना ग्रेस मार्क्स के नीट यूजी की काउंसलिंग में शामिल होने का विकल्प दिया है. री-नीट एग्जाम 23 जून को होगा और परिणाम 30 जून को घोषित किया जा सकता है, जबकि नीट यूजी काउंसलिंग निर्धारित 6 जुलाई से शुरू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने नीट काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार किया है

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