उप्र में खाकी पर सबसे बड़ा ऐक्शन! आगरा में 2 दिन में 55 पुलिसकर्मी सस्पेंड, DCP ने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

आगरा

उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस कमिश्नरेट में बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिन में 55 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पहले दिन 7 दारोगा समेत 30 पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार और पासपोर्ट वेरिफिकेशन में देरी या पासपोर्ट का सत्यापन करने में लापवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया। दूसरे दिन 25 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी। दो दिन में 55 पुलिसकर्मियों के निलंबन की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। दूसरे दिन निलंबित 23 पुलिसकर्मी पश्चिमी जोन और दो पुलिसकर्मी पूर्वी जोन के हैं। पासपोर्ट और चरित्र प्रमाणपत्र की रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में यह कार्रवाई की गई। डीसीपी ने शुक्रवार को कहा कि अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगरा में डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने 23 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया।वहीं डीसीपी पूर्वी अतुल कुमार शर्मा ने प्रशिक्षु महिला दरोगा सहित दो पुलिस कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की। सभी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें थीं। इनमें ज्यादातर वे पुलिस कर्मी हैं, जिनकी फीड बैक सेल से रिपोर्ट विपरीत आई थी। कुछ ऐसे भी हैंस जिनके खिलाफ जनता ने सीधे शिकायतें की थीं। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप में कार्रवाई हुई।

बीट पुलिस ऑफिसर स्कीम
डीसीपी सिटी सूरज राय ने शुक्रवार को बताया कि आगरा में बीट पुलिस ऑफिसर स्कीम लागू है। पहले ही कहा गया था कि पासपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य रिपोर्ट के बदले किसी प्रकार की कोई डिमांड नहीं जाएगी, बल्कि लोगों का पूरी सुविधा के साथ काम किया जाएगा। 16 पुलिसकर्मियों पर फीडबैक के आधार पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही मुकदमे की जांच में लापरवाही बरतने, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता की रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद बड़ी कार्रवाई गई है।

डीसीपी सिटी सूरज राय ने आदेश जारी कर कहा कि पुलिस की छवि को धूमिल कर व जनमानस से लाभ लेने के चलते इन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। दरअसल पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड़ की फीड बैक सेल ने इन पुलिसकर्मियों की पहचान की गई थी, जिसके विरुद्ध कार्रवाई हुई है। जब ये पुलिसकर्मी बीट पुलिस ऑफिसर बनाए गए थे तो इनको आम जनता को लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। उन्हें पासपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य की रिपोर्ट के बदले घूस न लेने की कड़ी चेतावनी दी गई थी, लेकिन फीड बैक में इन पुलिसकर्मियों की विपरीत रिपोर्ट आई।

पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप
डीसीपी सिटी के आदेश को तत्काल तामील कराने को कहा गया है। पुलिस कर्मियों पर पासपोर्ट रिपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य रिपोर्ट के बदले आम लोगों से लाभ लेने और पुलिस की छवि को धूमिल करने का आरोप है कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं रहेगी,जांच के बाद दंड भी मिलेगा। चरित्र पंजिका में एंट्री होगी। खास बात यह है कि कार्रवाई किसी बड़ी रिश्वत में नहीं बल्कि अधिकतर मामलों में पासपोर्ट और चरित्र प्रमाण पत्रों के वेरीफिकेशन में हज़ार दो हज़ार के लेनदेन में हुई है।

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