‘रील बनाने में व्यस्त हैं…’, कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे पर कांग्रेस का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर बड़ा हमला

नई दिल्ली,

पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में सोमवार को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया. एक मालगाड़ी ने सियालदाह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर लगने से कंचनजंगा एक्सप्रेस की कई बोगियां पटरी से उतर गईं. इस हादसे में 9 लोगों की मौत जबकि 3 दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. इस घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं. कांग्रेस ने रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. रेल मंत्रालय के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि मंत्री रील बनाने में व्यस्त हैं और लोगों की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए उनके पास समय नहीं है.

दरअसल, घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए रेल मंत्री वैष्णव मौके पर पहुंचे. यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बाइक का सहारा भी लिया. मौके पर पहुंचने पर उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है. उन्होंने कहा, “अभी हमारा ध्यान मरम्मत पर है. यह मुख्य लाइन है. बचाव अभियान पूरा हो चुका है. यह राजनीति करने का समय नहीं है.”

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने व्यवस्थित रूप से रेल मंत्रालय को ‘कैमरा-संचालित’ आत्म-प्रचार के मंच में बदल दिया है. खड़गे ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने रेल मंत्रालय के घोर कुप्रबंधन में लिप्त रही है. कोई गलती न करें, हम अपने सवालों पर अड़े रहेंगे और मोदी सरकार को भारतीय रेलवे के आपराधिक परित्याग के लिए जवाबदेह ठहराएंगे.”

इस बीच, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की, उन्होंने कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना के एक साल बाद हुई त्रासदी के पीछे खराब प्रबंधन का हवाला दिया, जिसमें ओडिशा के बालासोर में 290 से अधिक लोग मारे गए थे.

श्री तिवारी ने कहा, “गलत प्रबंधन, गलत नीति और गलत कदम रेल दुर्घटनाओं के पीछे हैं. पटरियों पर लोड बढ़ता जा रहा है, लेकिन सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. ओडिशा में हुए रेल हादसे से देश अभी उबर भी नहीं पाया है और अब यह बड़ा हादसा हो गया. रेल मंत्रालय प्रबंधन नहीं कर पा रहा है. रेल मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.”

कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि जुलाई 2021 से रेल मंत्री के रूप में अश्विनी वैष्णव का कार्यकाल अधिकतम प्रचार, पीआर और सोशल मीडिया गतिविधि और शून्य जवाबदेही का दौर रहा है. जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें दावा किया गया था कि अगस्त 2021 से ट्रेन दुर्घटनाओं और सुरक्षा मुद्दों के कारण 329 से अधिक लोगों की जान चली गई.

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी रेल मंत्री पर कई रेल दुर्घटनाओं के बावजूद जवाबदेही की कमी के लिए निशाना साधा. उन्होंने पोस्ट किया, “भारतीय रेलवे की यह दुर्दशा चिंताजनक है. हमें लोगों की सुरक्षा पर कब चर्चा करनी चाहिए. मंत्री के पास रील बनाने से फुर्सत नहीं है.”आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने पूछा, “देश में लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है?”

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