प्रियंका गांधी पहली बार लड़ेंगी चुनाव, वायनाड से पॉलिटिकल डेब्यू को लेकर कांग्रेस ने बनाया खास प्लान

नई दिल्ली

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी वायनाड सीट छोड़ेंगे और रायबरेली से सांसद बने रहेंगे। वो इन दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि वायनाड से खाली सीट पर प्रियंका गांधी चुनाव लड़ेंगी। ये पहला मौका होगा जब प्रियंका गांधी चुनाव मैदान में उतरेंगी। हालांकि लोकसभा चुनावों से पहले चर्चा चल रही थी कि वो रायबरेली सीट से अपनी मां सोनिया गांधी की जगह चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन पार्टी ने इस सीट से राहुल गांधी को टिकट दिया।

दो घंटे की बैठक के बाद फैसला
कांग्रेस की करीब दो घंटे चली बैठक के बाद ये फैसला लिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘राहुल गांधी ने दो सीटों पर लोकसभा चुनाव जीता है। जिसके चलते उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी। पार्टी ने तय किया है कि राहुल गांधी को रायबरेली की सीट रखनी चाहिए…वायनाड से खाली सीट पर प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव लड़ेंगी…”

पहली बार चुनाव लड़ेंगी प्रियंका
गौरतलब है कि सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने के बाद यह चर्चा चल रही थी कि प्रियंका गांधी वहां से चुनाव लड़ेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस सीट पर राहुल गांधी ने चुनाव लड़ा। वहीं अमेठी से गांधी परिवार के खास माने जाने किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिया गया। ये दोनों सीटें कांग्रेस ने अच्छे वोटों से जीतीं। इस बार यूपी में कांग्रेस और सपा के गठबंधन को अच्छी खासी सफलता मिली है। ऐसे में राहुल गांधी यूपी पर फोकस करेंगे। वहीं प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाने की मांग काफी समय से पार्टी के भीतर उठ रही थी। अब यह मांग पूरी हुई है।

मैं बहुत खुश हूं कि मैं वायनाड के लोगों का प्रतिनिधित्व करने जा रही हूं। मैं वायनाड को इनकी(राहुल गांधी) कमी महसूस नहीं होने दूंगी…हम दोनों रायबरेली में भी मौजूद होंगे और वायनाड में भी…
प्रियंका गांधी

कई बार चुनाव लड़ने की हो चुकी है चर्चा
प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है। 2019 के लोकसभा चुनावों से ही प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि प्रियंका वाराणसी सीट से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। वहीं सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने के बाद लोकसभा चुनाव में उनके रायबरेली से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। इससे पहले यूपी विधानसभा चुनाव 2020 में उनके किसी सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक बार तो उन्होंने खुद कहा था कि वे यूपी में चुनाव लड़ने से इनकार नहीं कर रही थीं। उनके बयान के बाद कहा जाने लगा कि वो कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान से दूरी बना ली और कहा कि वो मजाक कर रही थीं।

प्रियंका के चुनाव लड़ने का राहुल ने दिया था इशारा
भले ही प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने का फैसला कांग्रेस ने आज किया हो, लेकिन राहुल गांधी ने इसका इशारा पहले ही दे दिया था। उन्होंने हाल ही में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनकी बहन वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ लड़तीं, तो मोदी दो-तीन लाख वोटों से हार जाते। लोकसभा चुनावों से पहले ऐसी चर्चा हुई थी कि प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ सकती हैं। बाद में उनके रायबरेली से चुनाव लड़ने की खबरें सामने आईं।

खरगे ने भी जताई थी प्रियंका के चुनाव लड़ने की इच्छा
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा लंबे समय से चलती आ रही है। यूपी विधानसभा चुनावों में भी प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की खबरें सामने आई थीं। वहीं इस बार लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की इच्छा खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई। हालांकि ये फैसला राहुल और प्रियंका पर छोड़ दिया गया था।

संसद में होंगे गांधी परिवार के तीन सदस्य!
अगर प्रियंका गांधी वायवाड से चुनाव जीत जाती हैं, तो संसद में गांधी परिवार के तीन सदस्य होंगे। दरअसल सोनिया गांधी हाल ही में राज्यसभा सदस्य बनी हैं, वहीं राहुल गांधी रायबरेली से सांसद रहेंगे। ऐसे में वायनाड सीट से चुनाव जीतकर प्रियंका गांधी भी संसद तक पहुंच सकती हैं। प्रियंका गांधी पहली बार चुनाव लड़ेंगी। उनके एक करीबी सूत्र ने बताया कि उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला इसलिए लिया था क्यों कि उनका कहना था कि अगर वो संसद पहुंचती हैं, तो संसद में गांधी परिवार के तीन सदस्य हो जाते, जिससे बीजेपी के परिवारवाद के आरोपों को बल मिलता।

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