राजस्थान के जोधपुर में सांप्रदायिक झड़प: पुलिस पर पथराव के बाद 51 लोग गिरफ्तार, धारा 144 लागू

जोधपुर,

जोधपुर में ईदगाह गेट के निर्माण को लेकर सूरसागर इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद दो पुलिस अधिकारियों सहित कई लोग घायल हो गए. पुलिस आयुक्त राजेंद्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार रात की घटना के सिलसिले में अब तक 51 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और छह पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में CRPC की धारा 144 लागू कर दी गई है.

झड़प के बाद तनाव बढ़ा
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जोधपुर पश्चिम के डीसीपी राजेश कुमार यादव ने कहा कि सूरसागर में राजाराम सर्किल के पास ईदगाह के पिछले हिस्से में गेट के निर्माण को लेकर शुक्रवार रात झड़प शुरू हुई. इसके बाद तनाव बढ़ गया और कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसमें दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए. इलाके के लोगों ने ईदगाह के पिछले हिस्से में गेट के निर्माण का विरोध करते हुए कहा कि इससे उस इलाके में लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी.

पुलिस के अनुसार, निर्माण शुक्रवार शाम को शुरू हुआ था. इसके बाद हुई झड़प हिंसक हो गई और पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘एक दुकान और एक ट्रैक्टर में आग लगा दी गई, जबकि एक जीप में तोड़फोड़ की गई.’

पुलिस ने की समझाने की कोशिश
डीसीपी यादव ने बताया कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को उनके घरों तक खदेड़ दिया और 4-5 राउंड आंसू गैस के गोले दागे. भीड़ पर हमला करते समय पुलिस को उन पर पत्थरों की बौछार का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ देर के लिए उनकी आगे के रास्ते ब्लॉक हो गए. दोनों समुदायों के वरिष्ठ सदस्यों की मदद से पुलिस ने कुछ समय के लिए शांति भी कायम की, लेकिन अचानक पथराव से स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई.

पुलिस पर पथराव
पुलिस के अनुसार, व्यापारियों का मोहल्ला, अंबोन का बाग और सुभाष चौक सहित इलाकों में घरों से पत्थर फेंके गए. उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश करने पर पुलिस पर जिन घरों से पत्थर फेंके गए, उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और पूरे इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है. दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है और अब तक 51 लोगों को गिरफ्तार किया है.’

पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया है और टीमें अभी भी संदिग्धों को पकड़ने के लिए इलाके में घरों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस की ओर से कानून के कई प्रावधानों के तहत एक और FIR दर्ज की गई है, जिसमें हिंसा करना, सरकारी काम में हस्तक्षेप करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और दंगा करना शामिल है.

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