महाराष्ट्र में बीजेपी को झटका…10 साल बाद शरद पवार की अगुवाई वाली NCP में लौटीं सूर्यकांता पाटिल

मुंबई:

महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों के बाद बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व राज्य मंत्री और हिंगोली से सांसद रह चुकी सर्यकांता पाटिल ने घर वापसी कर ली है। पाटिल 10 साल के अंतरात के बाद फिर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में लौटी हैं। उन्होंने शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी में फिर से सदस्यता ग्रहण की है। पाटिल ने 24 जून को बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था। सूर्यकांता पाटिल का नांदेड़ क्षेत्र में अच्छा प्रभाव माना जाता है। उनके बीजेपी छोड़ने पर अटकलें लगी थीं कि वह एनसीपी में वापसी कर सकती हैं जो सही साबित हुईं। सूर्यकांता पाटिल के एनसीपी में लौटने पर पार्टी के प्रदेश प्रमुख जयंत पाटिल ने उनका स्वागत किया है। इस मौके पर शरद पवार भी मौजूद रहे।

कौन है सूर्यकांता पाटिल?
सूर्यकांता पाटिल ने 2014 में राष्ट्रवादी कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। 1980 में पाटिल पहली बार विधायक चुनी गई थी। तक वह हडगांव से जीती थीं। इसके बाद उन्हें कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। 1991, 1998 और 2004 में वह लोकसभा सांसद चुनी गईं। वह 2009 में एनसीपी में चली गईं और लोकसभा चुनाव लड़ीं और हार गईं। 2014 में, वह भाजपा में शामिल हो गईं और एक दशक तक पार्टी से जुड़ी रहीं। पाटिल ने हिंगोली-नांदेड़ निर्वाचन क्षेत्र का चार बार सांसद और एक बार विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया। वह यूपीए सरकार के दौरान ग्रामीण विकास और संसदीय मामलों की राज्य मंत्री भी थीं। लोकसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे की व्यवस्था के दौरान, हिंगोली सीट एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लिए छोड़ दी गई थी। बीजेपी ने उन्हें हदगांव हिमायतनगर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी थी। शिवसेना हिंगोली सीट उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट से हार गई थी।

बीजेपी छोड़ने पर दी थी प्रतिक्रिया
बीजेपी छोड़ने के बाद सूर्यकांता पाटिल ने कहा था कि मैंने पिछले 10 सालों में बहुत कुछ सीखा है, मैं पार्टी का आभारी हूं। 1970 में जनसंघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाली पाटिल का इस्तीफा पार्टी के लिए एक बड़ा झटका था। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले से व्यक्तिगत मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मुलाकात का समय नहीं मिल सका। पाटिल ने एनसीपी में आने के बाद शरद पवार पवार और जयंत पाटिल ने उनके नेतृत्व कौशल की प्रशंसा की और कहा कि उनकी वापसी से नांदेड़, हिंगोली, परभणी, बीड और अन्य जिलों में पार्टी की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा

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