काबुल:
भारत में अफगानिस्तान के महावाणिज्यदूत जाकिया वारदाक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अफगानिस्तान में तालिबान के अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद वह भारत में कार्यवाहक राजदूत भी थीं। शनिवार को उन्होंने व्यक्तिगत हमलों और मानहानि का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दिया। वित्त मंत्रालय की शीर्ष तस्करी विरोधी एजेंसी, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की ओर से उन्हें पकड़े जाने के कुछ दिनों बाद ऐसा हुआ है। भारत में अफगानिस्तान के पूर्व राजदूत फरीद मामुंडजे की ओर से नई दिल्ली में दूतावास बंद करने की घोषणा पिछले साल दिसंबर में की गई थी।
इसके बाद वारदाक को हैदराबाद में महावाणिज्य दूत सैयद मोहम्मद इब्राहिमखिल के साथ काबुल का कार्यवाहक राजदूत बनाया गया था। वारदाक और इब्राहिमखिल दोनों ने दूतावास को फिर खोल दिया। वह काबुल में तालिबान सरकार को रिपोर्ट करते थे। DRI के अधिकारियों ने हाल ही में मुंबई हवाई अड्डे पर वारदाक को रोका था और उनसे 18.6 करोड़ रुपए के मूल्य का 25 किग्रा सोना बरामद किया था। कथित तौर पर वह उसे दुबई से भारत में तस्करी करने की कोशिश कर रही थी। 25 अप्रैल को मुंबई एयरपोर्ट पर यह घटना हुई थी और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत सोने की तस्करी का मामला दर्ज किया गया।
क्या बोलीं वारदाक
वारदाक ने एक बयान में कहा, ‘बेहद अफसोस के साथ मैं 5 मई 2024 से भारत में अफगानिस्तान के वाणिज्य दूतावास और दूतावास की अपनी भूमिका से हटने के फैसले की घोषणा करती हूं। पिछले वर्ष से ही मुझे व्यक्तिगत हमलों और मानहानि का सामना करना पड़ा है। मैं ही नहीं बल्कि मेरे परिवार के करीबी लोगों के प्रति भी ऐसे हमले हुए हैं।’ ABP न्यूज ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ऐसा माना जाता है कि वारदात नियमित तौर पर इन गतिविधियों को अंजाम दे रही थीं और DRI के अधिकारियों को उनके बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद जांच की गई थी।
नहीं की गईं गिरफ्तार
रिपोर्ट्स के मुताबिक वारदाक को गिरफ्तार नहीं किया गया, क्योंकि उन्हें राजनयिक छूट मिली हुई है। कानून के तहत अगर तस्करी किए गए सोने की कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो संदिग्ध को गिरफ्तार कर आपराधिक मुकदमा चलाया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वारदाक के पास इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान की ओर से जारी किया गया राजनयिक पासपोर्ट है। वारदाक जब हवाई अड्डे से बाहर निकलने वाली थीं, तभी DRI अधिकारियों ने उन्हें रोका।
