11.1 C
London
Saturday, April 18, 2026
Homeराज्यपबजी और फ्री फायर ने 14 साल के बच्चे का बिगाड़ा मानसिक...

पबजी और फ्री फायर ने 14 साल के बच्चे का बिगाड़ा मानसिक संतुलन, अब हो रहा स्पेशल ट्रीटमेंट

Published on

अलवर

फ्री फायर और पब्जी जैसे गेम की लत से लगातार कई हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। पबजी गेम खेलने के बाद पिछले दिनों एक पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर नेपाल के रास्ते होते हुए अपने प्यार को पाने के लिए भारत आ गई। वहीं ऑनलाइन गेम से जुड़ा चौंकाने वाला मामला राजस्थान के अलवर से सामने आया है। यहां मोबाइल गेम्स की लत के चलते एक बच्चा मानसिक संतुलन खो बैठा है। फायर-फायर…साइड से मार साइड…। रात में सोते हुए 14 साल का एक बच्चा कुछ इसी तरह बड़बड़ाता है। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार नींद में भी उसके हाथ चलते रहते हैं और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया है।

जानिए क्या पड़ा है साइड इंफेक्ट
अलवर की मुंगास्का कॉलोनी में रहने वाले 7वीं क्लास के स्टूडेंट के बारे में पता चला है कि पिछले करीब सात महीने से वह मोबाइल पर पबजी और फ्री फायर जैसे ऑनलाइन गेम खेल रहा था। उसे गेम की ऐसी लत लगी कि वह दिन में 14-15 घंटे गेम खेलने लगा। पैरेंट्स ना टोंके इसके लिए रात में चादर और रजाई ओढ़कर गेम खेलता था। लंबे समय से गेम खेलने और स्क्रीन टाइम बढ़ने के चलने से अब यह बच्चा मानसिक रूप से असंतुलित हो गया है। बच्चे की लगातार बिगड़ी स्थिति को देखते हुए अब पैरेंट्स उसे इलाज के लिए स्पेशल स्कूल लेकर आए हैं, जहां ट्रेनर रोचक तरीके से उसका इलाज करने में जुटे हैं।

बच्चे का आत्मविश्वास लौटाकर किया जा रहा है इलाज
स्टूडेंट की काउंसलिंग कर रहे स्पेशल टीचर भवानी शर्मा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हमारे स्पेशल स्कूल में यह बच्चा आया है। हमारे पैरेंट्स से बात करने और आंकलन करने के बाद पाया है कि बच्चा फ्री फायर जैसे गेम का शिकार है। Free Fire के कई गेम्स में हारने के बाद उसके दिमाग पर असर पड़ा है। अब बच्चे को फ्री फायर सहित कई ऐसे गेम्स खिलाए जा रहे हैं और जिताया जा रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इससे बच्चे का आत्मविश्वास लौटेगा तो उसकी दिमागी हालत में सुधार आएगा।

भवानी शर्मा का कहना है कि वीडियो गेम्स में हारने का बच्चों को सही असर नहीं पड़ता है। वहीं गेम्स की लत और ज्यादा फोकस होने से भी मानसिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में या तो वह आत्महत्या कर लेते हैं या अपना मानसिक संतुलन खो देते हैं। ऐसे में खास तरीके से उन्हें ट्रीट किया जाता है। उनके अनुसार हमने बच्चे को उन सभी गेम्स को जीतने में मदद कर रहे हैं, ताकि वह हार के डर पर काबू पा सके और अपनी पुरानी स्थिति में लौट सके।

Latest articles

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...