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MP का वो मंदिर, जहां लेटे हुए हैं हनुमान, 2003 में उमा भारती ने यहीं से किया ‘कमबैक’ का ऐलान, अब पहुंच रहे CM यादव

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छिंदवाड़ा:

जामसांवली का हनुमान मंदिर सतपुड़ा की खूबसूरत वादियों में है। यह मंदिर सिर्फ राज्य में ही नहीं, पूरे देश और विदेश में भी जाना जाता है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। यहां भगवान राम के भक्त हनुमान एक पीपल के पेड़ के नीचे लेटे हुए हैं। मंदिर को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। CM मोहन यादव 23 मार्च को इस मंदिर में पूजा करने पहुंच रहे हैं। यहां पांढुर्णा में वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

कई साल पुराना है मंदिर का इतिहास
मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है। पहले हनुमान जी की मूर्ति पीपल के पेड़ के नीचे घास में दबी हुई थी। गांव के एक किसान ने खेत जोतते समय इस विशाल प्रतिमा को देखा। जैसे ही इस अद्भुत मूर्ति के बारे में खबर फैली, हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आने लगे। मंदिर की लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ती गई। 1990 में सौसर जिला छिंदवाड़ा के पंजीयक ने एक ट्रस्ट बनाकर मंदिर को पंजीकृत किया। इसका पंजीयन क्रमांक 48/90 है। हालांकि, उस समय ट्रस्ट का संविधान और नियमावली नहीं बनी थी।

1996 में मंदिर ट्रस्ट कमेटी की वार्षिक आय केवल तीन लाख रुपए थी। उस समय मंदिर परिसर में लगभग ढाई एकड़ जमीन, एक पुजारी, एक कर्मचारी और कुछ छोटी दुकानें थीं। लेकिन हनुमान जी के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास के कारण भक्तों की संख्या लाखों-करोड़ों में पहुंच गई। मंदिर की आय भी करोड़ों में हो गई और जमीन लगभग 30 एकड़ तक बढ़ गई। अब यहां आधा दर्जन से अधिक पुजारी और दो दर्जन से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

मंदिर परिसर में बनने वाला है हनुमान लोक
मंदिर परिसर में हनुमान लोक बनने वाला है। पहले चरण में 26 एकड़ में 35 करोड़ रुपये की लागत से हनुमान लोक का एक हिस्सा बनेगा। इसमें प्रवेश द्वार, भक्त निवास और बड़ी पार्किंग होगी। मंदिर का प्रवेश द्वार मराठवाड़ा वास्तुकला से प्रेरित होगा। मंदिर के अंदर एक खुला मंच और चिरंजीवी पथ होगा। जब हनुमान लोक पूरा हो जाएगा, तो यहां प्रसाद, पूजन सामग्री और भोजन के लिए 120 दुकानें और फूड कोर्ट होंगे। दूसरे चरण में, रामटेकरी पर्वत की परिक्रमा के लिए संजीवनी पथ का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, अष्टसिद्धि केंद्र और संस्कृत विद्यालय भी बनाया जाएगा।

उमा भारती के केक कांड से मिली चर्चा
2003 में उमा भारती ने इस मंदिर में भाजपा की वापसी का संकल्प लिया था। हनुमान जयंती के अवसर पर उन्होंने केक काटकर इस मंदिर को सुर्खियों में ला दिया था। 25 जनवरी 2004 को मुख्यमंत्री उमा भारती ने मंदिर पहुंचकर बजरंग गौशाला का शुभारंभ किया। यह गौशाला छिंदवाड़ा जिले की अच्छी गौशालाओं में से एक मानी जाती है।

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