नई दिल्ली,
भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है और ये ग्रोथ आगे भी जारी रह सकती है. ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने भारत पर भरोसा जताया है. आईएमएफ ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और FY25 की तीसरी तिमाही में ये जापान को पीछे छोड़ सकता है. वहीं 2027 तक देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी को भी पीछे छोड़ सकता है.
एक दशक में GDP दोगुना
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर भारत पर भरोसा जताया है और खुश करने वाली बात कही है. वैश्विक निकाय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ दुनिया में सबसे तेज है और बीते 10 सालों में ये दोगुनी हो गई है. इस दौरान ये 105 फीसदी तक बढ़ी है. बता दें कि साल 2015 में भारत की जीडीपी 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी, जो कि IMF के मुताबिक अब बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है.
जापान के बिल्कुल करीब भारत
IMF के मुताबिक, भारत की जीडीपी फिलहाल जापान के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है. जहां India GDP 4.3 ट्रिलियन डॉलर है, तो वहीं जापान की GDP अभी 4.4 ट्रिलियन डॉलर है. अगर ऐसी ही रफ्तार जारी रही तो जल्द भारत, जापान से आगे होगा. सिर्फ इतना ही नहीं आईएमएफ ने तो यहां तक कहा कि जिस रफ्तार के साथ भारत आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जापान से आगे निकलने के बाद साल 2027 की दूसरी तिमाही तक ये जर्मनी को भी पछाड़ देगा, जिसकी जीडीपी फिलहाल 4.9 ट्रिलियन डॉलर है.
भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट में सबसे आगे
पिछले एक दशक में भारत ने कई प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हाई जीडीपी ग्रोथ रेट दर्ज किया है. देश के आर्थिक विस्तार ने चीन (China), संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और कई यूरोपीय देशों को पीछे छोड़ दिया है. इस अवधि में, चीन की जीडीपी 76%, अमेरिका की 66%, जर्मनी की 44%, फ्रांस की 38% और ब्रिटेन की 28% की दर से बढ़ी है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भी कहा है कि इकोनॉमिक ग्रोथ के मामले में भारत ने G7, Gजी20 और Brics के सभी देशों से बेहतर प्रदर्शन किया है.
तो भारत बनेगा 10 ट्रिलियन की इकोनॉमी!
भारतीय अर्थव्यवस्था में ग्रोथ के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीते एक दशक में ये सबसे तेजी के साथ आगे बढ़ी है. बता दें कि देश को 2007 में अपनी पहली 1 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी तक पहुंचने में छह दशक लग गए थे. इसके 7 साल बाद 2014 में भारत 2 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बना. कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनियाभर की इकोनॉमी डरी हुई थीं, तो इस बीच भी इंडियन इकोनॉमी 2021 में 3 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ी और इसके बाद सिर्फ 4 साल के भीतर अब 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत मौजूदा रफ्तार को बनाए रखता है, तो हर 1.5 साल में अपने सकल घरेलू उत्पाद में 1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है. यही नहीं देश 2032 के अंत तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है. दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी को देखें, तो अभी भी अमेरिका 30.3 ट्रिलियन डॉलर के साथ नंबर-1 पर काबिज है, जबकि 19.5 ट्रिलियन डॉलर के साथ चीन दूसरे नंबर पर है. तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी जर्मनी है.