अररिया में कन्हैया के बाउंसरों ने कार्यकर्ताओं को गिरा-गिराकर मारा, यात्रा छोड़ दिल्ली गए कांग्रेस नेता

अररिया

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने रविवार को बिहार में अपनी ‘पलायन रोको नौकरी दो’ पदयात्रा अचानक रोक दी। वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अररिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कन्हैया के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद के बाद यह फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि कन्हैया को दिल्ली से बुलावा आया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

कन्हैया कुमार की पदयात्रा में विवाद
जानकारी के अनुसार, कन्हैया कुमार की पदयात्रा में उस समय विवाद हो गया जब कुछ लोग उन्हें माला पहनाने और उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। एक विधायक के रिश्तेदार की सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। सुरक्षाकर्मी लोगों को कन्हैया के पास जाने से रोक रहे थे। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और कुछ कार्यकर्ता गिर भी गए। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद कन्हैया ने बस स्टैंड के पास पदयात्रा रोक दी और दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

दिल्ली गए कन्हैया कुमार
जिला कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कन्हैया कुमार को दिल्ली से कॉल आया था, जिसके बाद उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि, विवाद की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। बता दें कि कन्हैया कुमार की यह पदयात्रा बिहार में पलायन और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित थी। इसकी शुरुआत चंपारण के भितिहरवा से हुई थी।

मामले को शांत कराने की कोशिश कर रहे नेता
बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनीतिक दल राज्य में सक्रिय हैं। कांग्रेस भी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का दबाव बना रही है। ऐसे में कन्हैया कुमार की पदयात्रा को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था। लेकिन, विवाद के बाद पदयात्रा को बीच में ही रोकना पड़ा। इस घटना पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन, पार्टी के नेता मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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