रोनित रॉय ने 27 साल की उम्र में फिल्म ‘जान तेरे नाम’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। साल 1992 में रिलीज हुई यह फिल्म हिट रही थी, और इसने रोनित रॉय को रातोंरात स्टार बना दिया था। आज रोनित रॉय भले ही फिल्मों और टीवी के जाने-माने और बड़े स्टार्स में शुमार हैं, पर सुपरहिट डेब्यू के बाद उन्हें कई साल तक काम नहीं मिला था। इस कारण रोनित रॉय शराब में डूब गए और खाना खरीदने तक के पैसे नहीं थे।
रोनित रॉय ने ‘रेडकार्पेट’ पॉडकास्ट में अपने इस फेज़ के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि किन परिस्थितियों ने उन्हें सिक्योरिटी एंजेसी खोलने पर मजबूर किया। आज रोनित की यह सिक्योरिटी एजेंसी बॉलीवुड के बड़े स्टार्स को सिक्योरिटी सेवाएं देती है।
रोनित रॉय ने बताया क्यों शुरू की थी सिक्योरिटी एजेंसी
रोनित रॉय ने कहा कि उन्होंने भूख और गरीबी के कारण सिक्योरिटी एजेंसी शुरू की थी। वह बोले, ‘मैंने अपने जीवन में जो भी महान कदम उठाए हैं, वो हताशा, निराशा और गरीबी से निकले हैं। एक समय था जब मेरी पहली फिल्म सिल्वर जुबली थी, और उसके बाद मुझे कोई काम नहीं मिला। मुझे नहीं पता क्यों। मैं निराश हो गया। आज के समय में सिल्वर जुबली 100 से 150 करोड़ रुपये की फिल्म देने के बराबर है।’
‘मुझे कोई काम नहीं मिला, मैं बहुत डर गया था’
रोनित रॉय ने आगे कहा, ‘ऐसा कैसे हो सकता है कि आप ऐसी हिट फिल्म दें और कोई काम न मिले? मुझे कोई काम नहीं मिला। मैं बहुत डर गया था। मुझे किराया देना था, खुद का पेट भरना था। बिना पैसे के आप क्या करेंगे? इसलिए मैंने गलत फिल्में साइन कीं, जो फ्लॉप हो गईं। मैं फिर से शुरुआती स्थिति में आ गया और मेरे पास कोई काम नहीं था।’
‘मेरी जिंदगी गटर में चली गई’
रोनित रॉय ने फिर कहा, ‘उसी फ्रस्ट्रेशन में मैं शराब के नशे में डूब गया, और फिर सबकुछ बिगड़ गया। मेरी जिंदगी गटर में चली गई। वह बोले, ‘किसी तरह शराब तो मिल जाती थी, पता नहीं कहां से, लेकिन खाना खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे। शराब ने जकड़ लिया। मैं दोपहर को उठता था, और फिर हैंगओवर रहता था, जिसने चीजों को और बिगाड़ दिया। इंडस्ट्री ने किनारा कर लिया। उन्होंने कहा कि ये खत्म हो गया है।’
दोस्त ने दी थी सलाह बिजनेस की सलाह
रोनित रॉय आगे बोले, ‘तब एक दोस्त ने मुझे अपना नाम एक ब्रांड के तौर पर इस्तेमाल कर बिजनेस शुरू करने की सलाह दी। उसकी सिक्योरिटी एजेंसी थी। मैं उसके ऑफिस जाता और ट्रेनिंग लेता था, और फिर इस तरह मेरी सिक्योरिटी एजेंसी की शुरुआत हुई।’