नई दिल्ली:
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर जमकर अटैक किए। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर ‘अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और मताधिकार से वंचित करने’ का आरोप लगाया। उन्होंने बिल में एक विवादास्पद प्रावधान का जिक्र किया। ये प्रावधान कहता है कि दान केवल वही मुस्लिम कर सकता है जो कम से कम पांच साल से अपने धर्म का पालन कर रहा हो। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह दुखद स्थिति है कि सरकार ‘धार्मिक प्रमाण पत्र’ जारी कर रही है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि ये बिल संविधान पर हमला है। अपनी बात रखते हुए उन्होंने 4-D के जरिए वक्फ संशोधन बिल पर सवाल उठाए। आइए जानते हैं 4-D क्या है जिसका गौरव गोगोई ने किया जिक्र।
धर्म में दखल दे रही केंद्र सरकार- गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि केंद्र सरकार धर्म में दखल दे रही है और यह तय करने की कोशिश कर रही है कि कौन सच्चा मुस्लिम है और कौन नहीं। उन्होंने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 2023 में अपनी संसदीय समिति की चार बैठकों में इस विधेयक का उल्लेख नहीं किया था। एक साल बाद अचानक संशोधन पेश किए गए। उन्होंने बीजेपी पर संविधान को कमजोर करने, अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया।
क्या है 4D जिसका कांग्रेस नेता ने किया जिक्र
गौरव गोगोई ने बीजेपी पर ‘4D’ यानी Dilute (कमजोर करना), Defame (बदनाम करना), Divide (बांटना), Disenfranchise (वंचित करना) का जिक्र करते हुए हमला किया। उन्होंने कहा कि इस बिल का उद्देश्य संविधान को कमजोर करना, अल्पसंख्यकों को बदनाम करना और उनके अधिकारों को छीनना है। भारतीय समाज को विभाजित करना है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
गौरव गोगोई ने जेपीसी पर उठाए सवाल
गोगोई ने कहा कि आज अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि सरकार उनके धर्म का ‘प्रमाण पत्र’ देगी। क्या वे अन्य धर्मों से भी प्रमाण पत्र मांगेंगे कि उन्होंने पांच साल पूरे कर लिए हैं? यह मुसलमानों से क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धर्म में क्यों दखल दे रही है? उन्होंने सवाल किया कि क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने यह विधेयक बनाया है या किसी अन्य विभाग ने। कांग्रेस नेता ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
गौरव गोगोई ने कहा कि इस समिति को पिछले साल वक्फ कानूनों में प्रस्तावित बदलावों की समीक्षा करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सुझावों को खारिज कर दिया गया और उनकी असहमति के नोटों को अंतिम रिपोर्ट से हटा दिया गया। बाद में इन नोटों को फिर से शामिल किया गया। गोगोई ने कहा कि मैंने पहले कभी ऐसी जेपीसी नहीं देखी। समिति ने खंड-दर-खंड चर्चा नहीं की और विपक्ष के सुझावों को नजरअंदाज कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वक्फ बोर्ड से कोई संबंध नहीं रखने वाले लोगों को बोलने के लिए बुलाया गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी और समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सदन में बात रखी। बनर्जी, जो वक्फ जेपीसी में थे, ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से विधेयक का विरोध करती है। अखिलेश यादव ने अमित शाह के साथ बातचीत में कहा कि वह यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि पार्टी अक्टूबर में बिहार चुनाव के लिए कितनी महिला उम्मीदवारों को नामांकित करेगी।
– कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर हमला बोला।
– उन्होंने सरकार पर अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और उनके अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया।
– उन्होंने यह भी कहा कि सरकार धर्म में दखल दे रही है।
– विधेयक को लेकर सदन में काफी हंगामा हुआ।
– विपक्ष ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।