लखनऊ
वक्फ (संशोधन) विधेयक को लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए रखा गया है। इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों के साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि अगर यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो हम इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। हम चुप नहीं बैठेंगे। उधर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी इस विधेयक के खिलाफ है। इसको लेकर सुभासपा मुखिया व मंत्री ओपी राजभर ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि सपा ने साजिश रची की मुसलमानों का विकास ना हो पाए।
वक्फ संसोधन विधेयक को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इसपर यूपी के अल्पसंख्यक मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मजबूत मुसलमान कमजोर मुसलमानों का हक लूट रहे है, इस नाते वहीं लोग सबसे ज्यादा परेशान है। सपा, बसपा और कांग्रेस के लोग मुसलमानों को नफरत सिखाते हैं। उन्होंने सपा मुखिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव जब सत्ता में थे, तब उन्हें मुसलमान याद नहीं आता था। तब अखिलेश सबके मुख्यमंत्री थे या सिर्फ यादवों के ही मुख्यमंत्री थे। 86 पदों में अकेले 56 यादव भर दिए थे। उस वक्त उन्हें मुसलमान नहीं दिखाई दिया था। जबकि NDA में पहली बार 51 मुस्लिम बच्चे आईएएस पास किये हैं।
ओपी राजभर ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष के कई ऐसे लोग हैं जो हट कर एनडीए का सहयोग कर रहे हैं और हम लोग सट कर NDA का समर्थन कर रहे हैं। वक्फ के नए बिल में वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं के शामिल होने की बात कही गई है, इसमें कौन सी बुरी बात है। दो अन्य धर्मों के लोगों को उस कमेटी में शामिल किया जा रहा है। ये सब सपा, बसपा और कांग्रेस को बुरा लग रहा है। इसमें सबका साथ सबका विकास की बात की जा रही है। वहीं ओपी राजभर ने सपा, बसपा और कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि वो मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर मुसलमान के नाम की घोषणा करें, और कहे कि अगर 2027 में सरकार बनती है तो हम मुसलमान के बेटे को मुख्यमंत्री बनाएंगे।
वहीं यूपी के अल्पसंख्यक राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि वक्फ संसोधन विधेयक का विरोध करने वाले वही लोग है जिन्होंने मुस्लिम समाज की संपत्तियों पर अपना कब्जा बनाकर रखा हुआ है। उस संपत्ति से इन लोगों ने अकूत धन-दौलत कमाई है। इसलिए ये लोग विरोध कर रहे हैं। क्योंकि नया संसोधित बिल आने पर उनके अवैध कब्जे हट जाएंगे। साथ ही जो अकूत दौलत कमा रहे हैं उसपर भी रोक लग जायेगी। वो सारा पैसा गरीब मुसलमान पसमांदा मुसलमानों की झोली में चला जायेगा।
मंत्री दानिश आजाद ने कहा कि वक्फ संसोधन विधेयक का विरोध करने का मतलब है कि गरीब, पिछड़े पसमांदा मुस्लिम समाज के डेवलपमेंट का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि जिस मुसलमान ने सपा पर हर बार भरोसा जताया, उस समाजवादी पार्टी ने साजिश रची की मुसलमानों का विकास ना हो पाए।