नई दिल्ली,
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने वक्फ बोर्ड को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड ठीक ढंग से काम करे, लेकिन सरकार इसे कमजोर करना चाहती है. इसी वजह से राजस्व खंड को 7% से घटाकर 5% कर दिया गया है. गोगोई ने प्रस्ताव रखा कि राजस्व को 7% से बढ़ाकर 11% करना चाहिए.
जेपीसी से मैच कर जाए मंत्री की स्पीच तो संसद सदस्यता से दे दूंगा इस्तीफा- ए राजा
डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले मंत्री ने करेजियस स्पीच दी. हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइएगा. मैच कर जाए तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा. ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती. आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा. उन्होंने वक्फ बिल को असंवैधानिक बताते हुए तमिलनाडु विधानसभा से पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक बिल इस सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है. तमिलनाडु की ओर से पारित प्रस्ताव को अनदेखा किया जाता है तो ये देश की एकता पर ये सवाल है.
गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा
गौरव गोगोई ने सरकार के वक्फ विधेयक के चार उद्देश्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का मकसद है – “कमजोर करना, बदनाम करना, विभाजन करना और अधिकार छीनना.” उन्होंने विस्तार से बताया कि सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है, अल्पसंख्यक समुदायों को बदनाम करना चाहती है, भारतीय समाज को बांटना चाहती है और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को छीनना चाहती है. गोगोई ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, कल को दूसरे समुदायों की जमीन पर भी इनकी नजर हो सकती है.
जेपीसी की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान गोगोई ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से सुझाए गए एक भी संशोधन को स्वीकार नहीं किया गया. जेपीसी में वक्फ विधेयक पर खंड-दर-खंड चर्चा नहीं हुई. साथ ही, जिन लोगों को वक्फ की कोई जानकारी नहीं थी, उन्हें भी समिति में आमंत्रित किया गया.
सरकार फैला रही है भ्रमः गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने कहा कि आप इलेक्शन की प्रक्रिया हटाना चाहते हैं और आप रिफॉर्म की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि ये बार-बार इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं है, वक्फ ट्रिब्यूनल का आदेश ही अंतिम होगा. गौरव गोगोई ने कहा कि अगर कहीं अन्याय हो तो सेक्शन 96 के तहत केंद्र सरकार को ये पावर है कि वह डायरेक्शन जारी कर सकता है. मामला हाईकोर्ट भी जा सकता है.
सरकार क्या संदेश देना चाहती है?
कहीं भी नाइंसाफी हुआ तो आप बताइए कि 10 साल में कितनी बार आपने इसका इस्तेमाल कर डायरेक्शन जारी किए. आपके पास ये ताकत है, कितनी बार इसे आजमाया. ये बताइए फिर कमजोर बोलिए. कहीं सुधार की जरूरत है तो करिए. उन्होंने कहा कि आप हमें ये बताइए कि और कौन से बोर्ड, किस धर्म में आप UAPA का एक्ट लाना चाहते हैं. आप क्या संदेश देना चाहते हैं. उस कौम पर आप दाग लगाना चाहते हैं जिसमें लगभग दो लाख उलेमा शहीद हुए. जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हमारा साथ दिया, दांडी मार्च का सपोर्ट किया, ब्रिटिश डिवाइड एंड रूल का खंडन किया, आप उस कौम परा दाग लगाना चाहते हैं.
नीयत पर भी उठाए सवाल
जब आप लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, उस कौम ने किया. गौरव गोगोई ने कहा कि इन्होंने जेपीसी में बहुत विस्तार से चर्चा की बात कही. इसलिए हमें कहना पड़ रहा है कि जेपीसी अध्यक्ष को हमने बार-बार चिट्ठी लिखी. तेलंगाना, तमिलनाडु, आईटी एक्ट में ओवरराइटिंग प्रिंसिपल है. उसमें आपको तकलीफ नहीं है और यहां इसे हटा रहे हैं. लिमिटेशन एक्ट जो हटाया गया है, आंध्र प्रदेश के लॉ में वैसे ही मूल कानून में है. इनके आंध्र प्रदेश के साथी को भी जनता को जवाब देना पड़ेगा. इनका उद्देश्य यही है कि मसला और बढ़े. जेपीसी में जिस प्रकार से विचार होना चाहिए था, ये देश उसके खिलाफ में है.
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, पूरा का पूरा झूठ है. हम डिमांड करते हैं कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. गौरव गोगोई ने इस बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण बताया और कहा कि इनका पूरा भाषण हमारे संघीय ढांचे पर आक्रमण था.
बिल कहां से आया?
इनका उद्देश्य है भ्रम फैलाना, समाज को बांटना. आज ये अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं. कुछ दिन पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक नहीं पढ़ने दीं. पहले ये तो बताइए कि आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं. उन्होंने कहा कि हम तो बस इतना पूछना चाहते हैं कि ये बिल अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या किसी दूसरे मंत्रालय ने, कहां से आया ये बिल.
वक्फ क्या है, हमें ये समझने की जरूरत
आज देश में अल्पसंख्यकों की ऐसी दशा हो गई कि सरकार को धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. सात हजार साल से पुराना सनातन और इससे भी पुराना ये देश जहां हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. ये किस प्रकार का कानून हम बना रहे हैं जहां हमें धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटाने को लेकर भी गौरव गोगोई ने सवाल उठाए और कहा कि इसको लेकर अलग-अलग जजमेंट भी आए हैं. इसे अलग-अलग जजमेंट ने ताकत दी. वक्फ क्या है, ये भी हमें समझना चाहिए.
इलेक्शन की प्रक्रिया हटाना चाहते हैं और रिफॉर्म की बात करते हैं- गौरव
गौरव गोगोई ने कहा कि आप इलेक्शन की प्रक्रिया हटाना चाहते हैं और आप रिफॉर्म की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि ये बार-बार इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं है, वक्फ ट्रिब्यूनल का आदेश ही अंतिम होगा. गौरव गोगोई ने कहा कि अगर कहीं अन्याय हो तो सेक्शन 96 के तहत केंद्र सरकार को ये पावर है कि वह डायरेक्शन जारी कर सकता है. मामला हाईकोर्ट भी जा सकता है. कहीं भी नाइंसाफी हुआ तो आप बताइए कि 10 साल में कितनी बार आपने इसका इस्तेमाल कर डायरेक्शन जारी किए. आपके पास ये ताकत है, कितनी बार इसे आजमाया. ये बताइए फिर कमजोर बोलिए. कहीं सुधार की जरूरत है तो करिए. उन्होंने कहा कि आप हमें ये बताइए कि और कौन से बोर्ड, किस धर्म में आप युआपा का एक्ट लाना चाहते हैं. आप क्या संदेश देना चाहते हैं. उस कौम पर आप दाग लगाना चाहते हैं जिसमें लगभग दो लाख उलेमा शहीद हुए. जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हमारा साथ दिया, दांडी मार्च का सपोर्ट किया, ब्रिटिश डिवाइड एंड रूल का खंडन किया, आप उस कौम परा दाग लगाना चाहते हैं. जब आप लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, उस कौम ने किया. गौरव गोगोई ने कहा कि इन्होंने जेपीसी में बहुत विस्तार से चर्चा की बात कही. इसलिए हमें कहना पड़ रहा है कि जेपीसी अध्यक्ष को हमने बार-बार चिट्ठी लिखी. तेलंगाना, तमिलनाडु, आईटी एक्ट में ओवरराइटिंग प्रिंसिपल है. उसमें आपको तकलीफ नहीं है और यहां इसे हटा रहे हैं. लिमिटेशन एक्ट जो हटाया गया है, आंध्र प्रदेश के लॉ में वैसे ही मूल कानून में है. इनके आंध्र प्रदेश के साथी को भी जनता को जवाब देना पड़ेगा. इनका उद्देश्य यही है कि मसला और बढ़े. जेपीसी में जिस प्रकार से विचार होना चाहिए था, ये देश उसके खिलाफ में है.
यूपीए सरकार को लेकर जो भी कहा, पूरा का पूरा भ्रमित करने वाला- गौरव गोगोई
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, पूरा का पूरा झूठ है. हम डिमांड करते हैं कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. गौरव गोगोई ने इस बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण बताया और कहा कि इनका पूरा भाषण हमारे संघीय ढांचे पर आक्रमण था. इनका उद्देश्य है भ्रम फैलाना, समाज को बांटना. आज ये अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं. कुछ दिन पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक नहीं पढ़ने दीं. पहले ये तो बताइए कि आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं. उन्होंने कहा कि हम तो बस इतना पूछना चाहते हैं कि ये बिल अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या किसी दूसरे मंत्रालय ने, कहां से आया ये बिल. आज देश में अल्पसंख्यकों की ऐसी दशा हो गई कि सरकार को धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. सात हजार साल से पुराना सनातन और इससे भी पुराना ये देश जहां हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. ये किस प्रकार का कानून हम बना रहे हैं जहां हमें धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटाने को लेकर भी गौरव गोगोई ने सवाल उठाए और कहा कि इसको लेकर अलग-अलग जजमेंट भी आए हैं. इसे अलग-अलग जजमेंट ने ताकत दी. वक्फ क्या है, ये भी हमें समझना चाहिए.
वक्फ प्रॉपर्टी मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन- कल्याण बनर्जी
टीएमसी संसदीय दल के नेता कल्याण बनर्जी ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि ये संविधान के खिलाफ है, संवैधानिक ढांचे पर प्रहार है और हम इस बिल का पूरी तरह से विरोध करते हैं. बीजेपी वक्फ पर राजनीति कर रही है. वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन है. वक्फ संशोधन विधेयक में किए जा रहे बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को लेकर गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने वक्फ एक्ट 1995 का भी जिक्र किया और कहा कि इस्लामिक कानून के अनुरूप ये एक्ट बनाए गए थे. यह प्रयास मुस्लिमों के अधिकार छिनने की कोशिश है जो असंवैधानिक है. कल्याण बनर्जी ने एक-एक क्लॉज का जिक्र कर यह भी बताया कि वह किस तरह से संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है. मैं भी हिंदू हूं. मैं मंदिर में दान करूंगा, बौद्ध मठ को दान दूंगा, मस्जिद को दान दूंगा, चर्चा को दान दूंगा. आप किस तरह से किसी को कंट्रोल कर सकते हो. उन्होंने कहा कि ये बिल मुसलमानों के अधिकार पर कैंची चलाने के लिए लाया गया है. कल्याण बनर्जी ने जज्बात न छेड़ने की अपील करते हुए कहा कि छेड़नी ही है जंग तो गरीबी के खिलाफ छेड़िए.
जेपीसी एक फरेब, प्लानिंग के साथ आया बिल- AIMPLB
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव ने कहा है कि वक्फ एक्ट में संशोधन का मसला जेपीसी में भी गया था. जेपीसी ने रिपोर्ट दाखिल की. इसमें 5 करोड़ ई-मेल खिलाफ होने की बात है. हमारे मुताबिक ये बिल अब और ज्यादा ऐतराज वाला हो गया है. उन्होंने ये भी कहा कि प्लानिंग के साथ ये बिल लाया गया है. हमने जो भी ऐतराज किए थे, उनमें से किसी को नहीं माना गया. वक्फ का इंतजाम अब मुसलमान के हाथ से लेकर सरकार को दे दिया गया है. जेपीसी सिर्फ एक ढोंग है, फरेब है. लॉ बोर्ड के प्रवक्ता इलियास ने कहा कि ये बिल पास हुआ तो देशव्यापी अभियान चलाएंगे. जितने भी कानूनी रास्ते हैं, सभी अपनाएंगे. जब तक ये बिल वापस नहीं ले लिया जाएगा, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करेंगे. पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने कहा कि बाबरी मस्जिद की शहादत एक मस्जिद का मसला था. 25 फीसदी जमीनों पर कब्जा हो गया. जो थोड़ा बहुत है, उसकी कमाई से मस्जिदों की देखभाल और इमाम की तनख्वाह देते हैं.बहुत से गैर मुसलमान भी हमारे समर्थन में हैं. हिंदुस्तान की तारीख में इससे बदतरीन दिन नहीं आया. हम हर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जेपीसी में किसी की बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने को सेक्यूलर बता रहे हैं, इस बिल का समर्थन करने के बाद वो भी गलत हैं. आज से लड़ाई शुरू हुई है. मुल्क खतरे में है, मुल्क को बचा लें. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मदनी ने कहा कि इससे देश का फायदा नही होने वाला. मुसलमान की आवाज दबाकर जो खेल खेला जा रहा है, वह खतरनाक है. हम लीगल रास्ते अपनाएंगे, मुल्क के लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाएंगे.
क्या बोले थे किरेन रिजिजू?
इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आप जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो ऐसा नहीं होगा कि आदिवासी क्षेत्र में जाकर क्रिएट कर देंगे. शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 क्षेत्र में आप वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट नहीं कर सकेंगे, हमने आदिवासियों के अधिकार संरक्षित करने के लिए ये प्रावधान किया है. ट्रिब्यूनल में तीन मेंबर होंगे जिनका एक नीयत कार्यकाल होगा. वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णय से खुश नहीं हैं तो आप अदालत जा सकते हैं. ये रास्ता भी हमने खोल दिया है. वार्षिक अनुदान घटाकर सात से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है जिससे ज्यादा पैसा चैरिटी के लिए खर्च किया जा सके.
वक्फ संपत्ति पर भी लिमिटेशन एक्ट
वक्फ संपत्ति पर भी लिमिटेशन एक्ट लागू होगा. सेक्शन 40 के तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर देता था. इसे हमने हटा दिया. इसे कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते थे. इस प्रावधान का इतना दुरुपयोग हुआ कि प्रॉपर्टी लाखों तक पहुंच गई और इसकी वजहसे कई विवाद देश में आए हैं. चर्च के लोग पुकार के कह रहे हैं कि वक्फ संशोधन बिल जल्दी पारित करिए. उन्होंने हरियाणा से कर्नाटक तक, वक्फ प्रॉपर्टी घोषित किए जाने के विवादों का भी जिक्र किया और कहा कि केरल में 600 ईसाई परिवारों की जमीन को वक्फ बोर्ड ने वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया.
अभी भी देर नहीं हुआ, आप राजनीतिकरण करके अड़े रहे तो मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस बिल का विरोध करके कांग्रेस के साथी दल भी बहुत बड़ी मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस संसद को भी वक्फ डिक्लेयर न कर दें, इसको ध्यान में रखकर आगे काम करें. रिजिजू ने कहा कि मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो. मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ. पीएम मोदी ने मेरे जैसे एक साधारण सदस्य को इतना पुण्य का काम करने के लिए चुना है.