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क्यों मुसलमानों पर सख्त नजर रखता है चीन?

नई दिल्ली

चीन में उइगर मुसलमानों और स्थानीय सरकार के बीच विरोध-प्रदर्शन की खबरें आम हैं। इन प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की भी खबरें आती रही हैं। चीन अपने यहां कई मुस्लिम संगठनों पर सख्त निगरानी रखता है। इस बीच चीन ने कुछ नरमी बरतते हुए स्थानीय मुसलमानों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर-मध्य चीन के निनजा क्षेत्र में मस्जिदों को ध्वस्त करने की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

हालांकि अन्य क्षेत्रों में विरोध कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों को चीनी सरकार ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। चीन में उइगर मुसलमानों पर काफी सख्ती बरती जा रही है। चीन इन्हें हिंसा फैलाने वाला समूह कहता है और इनपर सख्त निगरानी रखता है। कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पैनल की एक रिपोर्ट में कहा था कि इस बात की विश्वसनीय रिपोर्ट्स हैं कि चीन ने 10 लाख उइगर मुसलमानों को खुफिया शिविरों में कैद कर रखा है। मानवाधिकार पैनल ने शिनजियांग प्रांत में सामूहिक हिरासत शिविरों में कैद उइगर मुसलमानों को लेकर चिंता जाहिर की है।

बता दें कि चीन में करीब ढाई करोड़ मुस्लिम रहते हैं। ये सभी अलग-अलग समुदाय जैसे हुई, उइगर, कजाख, डोंगजियांग, किर्गीज और उज्बेक समूहों से हैं। इसमें हान चीनी को प्रभावशाली समूह माना जाता है। हुई समुदाय के ज्यादातर लोग निनजा में रहते हैं। यह इलाका इनर मंगोलिया के करीब है और चीन इस समुदाय को तवज्जो भी देता है।

तुर्की भाषा बोलने वाला समुदाय उइगर शिनजियांग (उत्तरपश्चिम चीन) में रहते हैं और इनपर चीनी सरकार का काफी नियंत्रण है। इस समुदाय के लोगों को कई बार बिना किसी वॉरंट के हिरासत में ले लिया जाता है। 2016 में रेडियो फ्री एशिया ने बताया था कि शिनजियांग में तीन महीने के भीतर 1000 मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया था।

आखिर उइगर मुस्लिमों पर चीन को क्यों नहीं है भरोसा
उइगर हानी चाइनीज की जगह सांस्कृतिक रूप से मध्य एशियाई देशों के ज्यादा करीब माने जाते हैं। उइगर मुसलमानों पर निगरानी और सख्त नियंत्रण रखा जाता है और इसके कारण कई बार वहां हिंसात्मक हमले हुए हैं। इसके बाद चीन ने उइगर समुदाय पर और ज्यादा निगरानी बैठा दी।

यह क्षेत्र चीन के लिए अहम क्यों
शिनजियांग की सीमा मध्य एशियाई देशों और भारत से लगती है। इस लिहाज से चीन के लिए यह इलाका काफी अहम है। इसके अलावा चीन की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट ऐंड रोड भी यहां से होकर गुजरती है।

गत शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र के एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दस लाख उइगरों को शिविरों में रखा गया है। हालांकि चीन ने संयुक्त राष्ट्र के इस दावे को खारिज कर दिया था। चीन ने कहा कि इस रिपोर्ट के पीछे पेइचिंग के खिलाफ काम करने वाले लोग हैं। चीन कहता आया है कि शिनजियांग को इस्लामिक आतंकवादियों और अलगाववादियों से खतरा है। ये आतंकवादी हमले की साजिश रचते हैं और अल्पसंख्यक मुसलमानों को निशाना बनाकर तनाव फैलाने की कोशिश करते हैं।

पिछले दो सालों में अधिकारियों ने नाटकीय तौर पर इस इलाके में निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके तहत पुलिस चेक पॉइंट, रिडक्शन सेंटर्स और बड़े पैमाने पर डीएनए एकत्र किए जा रहे हैं। चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड की जांच करने वाले संयुक्त राष्ट्र पैनल के सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि दस लाख उइगर मुसलमानों को कैंपों में रखा गया है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को चीन ने खारिज किया
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने लू कंग ने कहा कि चीन विरोधी लोगों की यह रिपोर्ट है। पिछले सप्ताह चीन में उइगर मुसलमानों को कैंपों में रखने की रिपोर्ट को उजागर करने वाली संयुक्त राष्ट्र पैनल की वाइस चेयरवुमन गे मैकडॉगल ने कहा कि वह हिरासत में लिए गए उइगरों पर चीन के इनकार से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘आप कहते हैं कि शिविरों में दस लाख लोग नहीं है। ठीक है तो आप ही बताएं वहां कितने लोग हैं। आखिर किस कानून के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया है।’ मैकडॉगल ने चिंता जताई है थी कि सिर्फ अपनी नस्लीय धार्मिक पहचान की वजह से उइगर समुदाय के साथ चीन में देश के दुश्मन की तरह बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने तमाम रिपोर्ट्स के हवाले से कहा है विदेशों से शिनजियांग प्रांत में लौटने वाले सैकड़ों उइगर स्टूडेंट्स गायब हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कई हिरासत में हैं और कई हिरासत में मर भी चुके हैं।

मैकडॉगल ने कहा कि पेइचिंग ने इस स्वायत्त क्षेत्र को एक विशाल नजरबंदी शिविर जैसा बना रखा है। ऐसा लगता है कि यहां सारे अधिकार निषिद्ध हैं और सबकुछ गुप्त है। उनके मुताबिक धार्मिक उग्रवाद से निपटने के लिए चीन ने ऐसा किया है।

हालांकि प्रतिनिधिमंडल के लीडर यू जियानहुआ ने कहा कि पैनल के कुछ सदस्यों ने कुछ अप्रमाणिक बातों को भी सच मान लिया है। उन्हें कुछ समूहों से जो रिपोर्ट मिली उसे सही मान लिया गया। ये वैसे लोग हैं जो चीन को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं और उनका संबंध आतंकी संगठनों से है।

हाल के सालों में सुरक्षा निगरानी के कारण हुई हिंसा में शिनजियांग में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। मानवाधिकार समूह और निर्वासित जिंदगी जी रहे उइगरों ने बताया कि यह हिंसा उइगरों की संस्कृति, धर्म और क्षेत्र पर चीनी नियंत्रण के कारण फैली निराशा के कारण हुई है। इसी कारण आतंकी गुटों द्वारा हिंसा की जा रही है।

बता दें की चीन आधिकारिक तौर पर इस क्षेत्र में धार्मिक स्वतंत्रता की बात कहता रहा है लेकिन, हाल के सालों में इस मुस्लिम इलाके में सख्ती के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। इस क्षेत्र में चीन की इस सख्ती के कारण कई अन्य मुस्लिम समूहों में इस बात का डर बढ़ रहा है कि सरकार शिनजियांग के अलावा अन्य जगहों पर भी सख्ती बढ़ा सकती है। सख्ती के तहत चीनी सरकार ने मस्जिदों में युवाओं के लिए धार्मिक शिक्षा पर बैन लगा दिया है। इसके अलावा कुछ जगहों पर लाउडस्पीकर से अजान पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

गौरतलब है कि शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमान बहुसंख्यक हैं। चीन के पश्चिमी हिस्से में स्थित इस प्रांत को आधिकारिक रूप से स्वायत्त घोषित करके रखा गया है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने उइगर मुसलमानों को सामूहिक हिरासत कैंपों में रखने और उनके धार्मिक क्रियाकलापों में हस्तक्षेप करने को लेकर चीन की आलोचना की है।

 

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