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US को टक्कर देने वाले चीनी जेट में खराबी

पेइचिंग

चीन ने अपने J-20 फाइटर जेट्स के लिए नए इंजनों का निर्माण शुरू कर दिया है। इन नए इंजनों का निर्माण जेट के ब्लेड्स की ओवरहीटिंग जैसी दिक्कतों को दूर करने के लिए किया जा रहा है। इस जेट का प्रॉडक्शन इस साल शुरू किया जाएगा। चीन अभी अकेला ऐसा देश है जिसके पास जल्द ऐसा फाइटर जेट होगा जो रेडार डिटेक्शन को भी चकमा दे पाएगा। बता दें कि इसके इंजन में आई खराबी के बाद नया इंजन का निर्माण शुरू किया जा रहा है।

चीन एयर फोर्स के मुताबित J-20 चीन का फोर्थ जेनरेशन मीडिया और लॉन्ग रेंज फाइटर एयरक्राफ्ट है। यह जेट फरवरी से अपना काम शुरू करने वाले था लेकिन इसके इंजन में आई खराबी के चलते चीन के इस प्रॉजेक्ट को देरी का सामना करना पड़ रहा है।

चीन काफी हद तक रूस के इंजन पर निर्भर करता है पर अब वह खुद अपने इंजन बनाने लगा है। चीन के पास मौजूद 20 J-20 जेट्स की संख्या काफी कम है और इसका अधिक संख्या में निर्माण करने के लिए चीन को वहीं बने इंजनों की जरूरत पड़ेगी।

चीन ने J-15 एयरक्राफ्ट को हटाने के लिए J-20 का निर्माण शुरू किया था क्योंकि J-15 में काफी खामियां थी और यह कई बार क्रैश भी हो चुका था। पीएलए के डेप्युटी हेड के अनुसार J-20 का निर्माण इसलिए भी जरूरी हो चुका था जब मेकानिकल कमियों के कारण चीन की सेना के एक पायलट की क्रैश में मौत हो गई थी।

चीन के एक मिलिटरी विशेषज्ञ झोउ चेनमिंग के अनुसार अमेरिका रेडार डिटेक्शन से बचने वाले 200 से 300 F-35 विमान 2025 तक लाने वाला है जिसका मतलब है कि चीन को भी करीब 200 J-20 विमानों की जरूरत पड़ेगी।

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