Thursday , October 22 2020

US: प्रेसिडेंशियल डिबेट में धमकी, झगड़ा, धौंस, अब बदलेंगे नियम

वाशिंगटन,

अमेरिका के इतिहास की संभवत: सबसे खराब प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद अमेरिकी लोग हैरानी जता रहे हैं कि 90 मिनट तक जो उन्होंने सहा, क्या वैसी ही सजा उन्हें और भुगतनी पड़ेगी. डिबेट में जिस तरह की काट, धमकी, झगड़ा और धौंस (अधिकतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से) का इस्तेमाल किया गया कि प्रेसिडेंशियल डिबेट्स वाले आयोग को कहना पड़ा है कि अगली दो बहस के लिए नियम बदले जाएंगे. ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन के अराजक फेस-ऑफ के बाद आयोग ने बदलाव का फैसला किया है. निर्धारित समय सीमा के बाद माइक को कट कर देने का भी एक सुझाव है.

दरअसल, आयोजकों और मॉडरेटर की इस बात के लिए काफी आलोचना हो रही है कि ट्रंप को शो चलाने दिया गया. इसके बाद ही आयोग ने नियमों में बदलाव का वादा किया है.मंगलवार की रात का कार्यक्रम अमेरिकी लोकतंत्र के लिए अच्छा विज्ञापन नहीं था. देर रात लोकप्रिय कॉमेडी शो के एंकर ट्रेवर नोआ (जो मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका के हैं) ने कहा- “जितना अधिक मैं अमेरिकी लोकतंत्र के बारे में सीखता हूं, उतना ही मैं सोचता है कि आप अन्य देशों पर आक्रमण कर रहे हैं, उन्हें यह देने के लिए?” नोआ ने ये शो के उस सेगमेंट में कहा, जहां डाक मतपत्रों को लेकर ट्रंप के कई आपत्तियां जताने का मखौल उड़ाया गया.

दिलचस्प है कि ट्रंप की “झुलसी हुई धरती’’ रणनीति वो बात हासिल नहीं कर सकी, जो कि उसका मकसद था. यानि डेमोक्रेटिक पार्टी के चैलेंजर, जो बिडेन को ऐसे कमतर, दयनीय प्रतिद्वंद्वी के तौर पर पेश करना जिसके पास वृद्धावस्था की वजह से शब्दों का अकाल है. ट्रंप ऐसा करने में नाकाम रहे क्योंकि उन्होंने अपना हाथ ऊपर रखने की कोशिश की. ऐसे में बिडेन को बचने का मौका मिल गया और उन्होंने राष्ट्रपति से चिढ़ पैदा करने वाले व्यक्ति के तौर पर बर्ताव किया और सीधे अमेरिकी लोगों से संवाद करने पर अपना फोकस रखा.

डिबेट के दौरान ऐसे कई अहम पहलू थे जो चुनाव से पहले के आखिरी चार हफ्तों में उम्मीदवारों के फायदे या नुकसान के लिए प्ले करेंगे. ये 15 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को होने वाली बाकी दो प्रेसिडेंशियल डिबेट्स पर भी असर डालेंगे. अधिकतर सर्वेक्षणों और चुनाव जानकारों के मुताबिक, बिडेन ने डिबेट को ‘जीत’ लिया तो इसकी बड़ी वजह उनका ट्रंप की तुलना में अधिक ‘सामान्य’ रहना था. ऐसा व्यक्ति जो चार साल की निरंतर अशांति के बाद शांति की बहाली के लिए तैयार है. हालांकि फॉक्स न्यूज के इकोसिस्टम ने असहमति जताई और ट्रंप को विजेता घोषित किया.

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