अमेरिकी कंपनी Microsoft ने चीन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सभी कर्मचारियों ने एंड्रॉयड डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा है। कंपनी का कहना है कि कोई भी ऑफिशियल काम करने के लिए उन्हें iPhone का इस्तेमाल करना होगा। दरअसल ये कदम साइबर सिक्योरिटी के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। Bloomberg ने इसको लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है और इसे इंटरनल मेमो के हवाले से प्रकाशित किया गया है।
माइक्रोसॉफ्ट की टीम सुरक्षा के मुद्दों पर लगातार काम करती है और ये उसी प्रैक्टिस का हिस्सा है। कर्मचारियों की सिक्योरिटी को ध्यान में रखे हुए ये फैसला लिया गया है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों से इसकी शुरुआत कर दी है और अब आइडेंटिटी वेरिफिकेशन के लिए कर्मचारियों के पास iPhone होना अनिवार्य हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट के इस फैसले का बहुत ज्यादा असर पड़ने वाला है। क्योंकि साइबर सिक्योरिटी इन दिनों वैसे भी बड़ा मुद्दा बन चुका है और हर कंपनी इस पर ध्यान भी दे रही है।
क्यों हुई चिंता ?
बहुत सारी वजहों से Microsoft को इसको लेकर चिंता हुई है। दरअसल चीन में प्ले स्टोर उपलब्ध नहीं है और बहुत सारी चीनी कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं। कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर की मदद से ही ऐप इंस्टॉल करवाती हैं। लेकिन ऐपल के साथ ऐसा नहीं है और वहां ऐप स्टोर उपलब्ध भी है। यही वजह है कि ऐपल को चीन में ज्यादा विश्वसनीय फोन भी कहा जाता है। हालांकि अभी तक माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी एंड्रॉयड डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है। क्योंकि अब iPhone पर ही ज्यादातर कर्मचारियों को स्विच करना होगा और एंड्रॉयड डिवाइस यूजर्स की संख्या में गिरावट दर्ज की जाएगी।
