तेल अवीव
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल हानिया की बुधवार 31 जुलाई की सुबह तड़के ईरान की राजधानी तेहरान में एक मिसाइल हमले में मौत हो गई। वे तेहरान में ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। सुबह दो बजे के करीब तेहरान में उनके आवास को मिसाइल से निशाना बनाया गया। तेहरान में हानिया की हत्या के बाद इजरायल और ईरान एक बार फिर आमने-सामने हैं। ईरान ने इजरायल को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है और बदला लेने की धमकी दी है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि इस्माइल हानिया की हत्या से इजरायल ने गलती कर दी है, जिसके आगे दुष्परिणाम हो सकते हैं।
हमास का उदारवादी चेहरा
इस्माइल हानिया को हमास के दूसरे कट्टरपंथी सदस्यों की तुलना में एक उदारवादी के रूप में देखा जाता था। कट्टरपंथी फिलिस्तीनी समूह के भीतर उनकी छवि ऐसे व्यक्ति की थी, जो व्यवहारिक दृष्टिकोण रखता था। हमले में हानिया की मौत के बाद अब उनके उत्तराधिकारी के बारे में सवाल उठे हैं। आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत के बाद किसी कट्टरपंथी को खाली जगह पर बिठाया जा सकात है। यह इजरायल के लिए अच्छी स्थिति नहीं होगी।
हत्या और चरमपंथी तत्वों का उदय
इतिहास में देखा गया है कि हमास के भीतर नेताओं की हत्या के बाद उनकी जगह अक्सर कट्टरपंथियों ने ली है। इसके लिए हमास के सह-संस्थापकों में से एक और इसके अध्यात्मिक नेता शेख अहमद यासीन का उदाहरण सामने है, जिन्हें 2004 में मार दिया गया था। उनकी मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मारे जाने से ठीक चार महीने पहले यासीन ने इजरायल को युद्ध विराम की पेशकश की थी। लेकिन यासीन की जगह जिस शख्स ने ली, उसका नाम अब्देल अजीज अल-रंतिसी था। इजरायल के अनुसार, रंतिसी आत्मघाती बम विस्फोटों और अन्य हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार था। रंतिसी ने एक बार इजरायली बच्चों की हत्या का भी समर्थन किया था। यासीन की तरह ही रंतिसी को भी मार दिया गया था।
कट्टरपंथियों की हो सकती है वापसी
रंतिसी की मौत के बाद हानिया को हमास का नेता नामित किया गया। समूह के नेताओं की कई हत्याओं के कारण लंबे समय तक उनकी नियुक्ति को गुप्त रखा गया था। हानिया समूह में शीर्ष स्थान पर पहुंचने के मामले में हानिया का उदय कुछ अलग था। जहां हर बार पहले की अपेक्षा अधिक कट्टरपंथी टॉप पर पहुंचे, वहीं हानिया की छवि उदारवादी के तौर पर थी। अब हानिया की मौत संभावित रूप से कट्टरपंथियों को फिर से सशक्त बना सकती है। उनके उत्तराधिकारी बनने वालों में याह्या सिनवार भी शामिल है, जिसे गाजा का बिन लादेन कहा जाता है। इजरायल पर पिछले साल 7 अक्तूबर को हुए हमले की योजना सिनवार ने ही बनाई थी, जिसमे 1200 इजरायली मारे गए थे, जबकि 254 को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था।
