7.1 C
London
Friday, May 15, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयमालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी में देरी पर भड़के 'इंडिया आउट'...

मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी में देरी पर भड़के ‘इंडिया आउट’ वाले यामीन, मुइज्जू को घेरा

Published on

माले:

मालदीव में इंडिया आउट अभियान शुरू करने वाले पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन इन दिनों राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से नाराज बताए जा रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी को लेकर मुइज्जू की ईमानदारी और इरादों पर सवाल उठा दिए हैं। यामीन ने रविवार की रात पार्टी कार्यालय में अपने नवगठित पीपुल्स नेशनल फ्रंट (पीएनएफ) की एक रैली में सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार को जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में समान सिद्धांत और उद्देश्य बनाए रखने चाहिए। माना जा रहा है कि उनका इशारा मुइज्जू सरकार के बयानों और भारतीय सैनिकों को हटाने की तारीखों में बदलाव की ओर था।

यामीन ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर
भारत और मालदीव के बीच सहमति बनी है कि सैनिकों का पहला समूह 10 मार्च तक और बाकी को 15 मई तक वापस भेजा जाएगा। इससे पहले मालदीव की सरकार ने 15 मार्च तक भारतीय सैनिकों को वापस बुलाने का अल्टीमेटम दिया था। भारत ने कहा है कि वह सैनिकों की जगह पर असैनिक कर्मियों की तैनाती करेगा। लेकिन यामीन ने भारत की इस योजना पर संदेह जताया है। यामीन ने कहा, “मैंने इस पर जो सोचा है वह यह है कि ऐसा नहीं होगा। यह सिर्फ सैन्य लोग होंगे। वर्दी के बाहर सैन्य लोग नागरिकों की तरह व्यवहार कर सकते हैं। तो यह इसी तरह चल रहा है।”

इंडिया आउट कैंपेन के खिलाफ डिक्री पर पूछा सवाल
यामीन ने पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह द्वारा जारी उस आदेश को रद्द करने में देरी पर चिंता जताई, जिसमें मौजूदा अधिकारियों को मालदीव में इंडिया आउट कैंपेन को रोकने के लिए असीमित शक्तियां दी गई थी। इस आदेश के कारण पूरे मालदीव में तत्कालीन विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इंडिया आउट के नाम पर विरोध प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगा दी गई थी और इस तरह के बैनर को भी आपराधिक घोषित कर दिया गया था। इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने इंडिया आउट कैंपन को बिना किसी वैध उद्देश्य के राजनीतिक कारणों से एक विशेष देश के खिलाफ घृणास्पद प्रदर्शन करार दिया था।

मुइज्जू सरकार की ईमानदारी पर जताया शक
ऐसे में यामीन ने पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए पूछा, “तो इन मामलों पर विचार करते हुए, भारतीय सैनिकों को हटाने के प्रयासों को अंजाम देने में कितनी मंशा, कितनी ईमानदारी है?” निवर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, उनके विशेष सलाहकार अब्दुल रहीम अब्दुल्ला, रक्षा मंत्री घासन मौमून और स्थानीय सरकार मंत्री एडम शरीफ ने डिक्री जारी होने के दिन इसका विरोध किया था। उन्होंने इस डिक्री को गैरकानूनी बताया था।

Latest articles

संस्कार सेना द्वारा ‘एक शाम माँ के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन; मातृ शक्ति और मेधावी छात्र होंगे सम्मानित

भोपाल। राष्ट्रीय संस्कार सेना के तत्वावधान में 'माता-पिता सम्मान संकल्प भारत यात्रा' की तीसरी...

दिल्ली में सीएम विष्णु देव साय ने गृहमंत्री अमित शाह को सौंपा बस्तर का विकास रोडमैप

रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय...

जालोर: ग्रामीणों के बीच पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, पंसेरी में सुबह की सैर कर जाना जनता का हाल

जालोर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को अपने जालोर दौरे के दौरान अपने सहज...

भारत पर नजर उठाई तो जो अब तक नहीं हुआ, वह होकर रहेगा : राजनाथ सिंह

राजस्थान। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार...

More like this

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...