नई दिल्ली,
खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी किया है. विडियो में उसे भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य और उनके फॉलोअर्स को तुरंत वापल भारत लौट जाने का निर्देश देते सुना जा सकता है. इसके अलावा विडियो के माध्यम से पन्नू ने कहा है कि कनाडा के कैलगरी में खालिस्तान को लेकर जनमत संग्रह के लिए वोटिंग 28 जुलाई को होगी.
आपको बता दें कि हिंदू-कनाडाई सांसद चंद्र आर्य कनाडा में खालिस्तानियों द्वारा मंदिरों को नुकसान पहुंचाने और अन्य हिंसक कार्यों के खिलाफ काफी मुखर रहे हैं. चंद्रा आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, ‘एडमॉन्टन में हिंदुओं के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ और कनाडा में खालिस्तान समर्थकों द्वारा घृणा और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के बदले सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मुझसे और मेरे हिंदू-कनाडाई दोस्तों से भारत वापस जाने को कहा गया है.’
यह घटना कनाडा के एडमोंटन में एक मंदिर में तोड़फोड़ के बाद हुई है. कनाडा की संसद के सदस्य चंद्र आर्य ने तोड़फोड़ की निंदा की है. उन्होंने कहा कि कि कनाडा की धरती को खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा दूषित किया जा रहा है. आर्य द्वारा X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो पर पन्नु ने कनाडाई सांसद और उनके समर्थकों को कनाडा छोड़ने के लिए कहा. साथ ही उसने चंद्र आर्य पर कनाडाई मूल्यों और अधिकारों के खिलाफ काम करने का आरोप भी लगाया.
खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने यह भी दावा किया कि आर्य भारत के हितों को बढ़ावा दे रहे हैं. उसने सांसद और उनके समर्थकों से अपनी कनाडाई नागरिकता छोड़ने और भारत वापस लौट जाने को कहा. पन्नू ने कहा, ‘हम खालिस्तान समर्थक सिख दशकों से कनाडा के प्रति अपनी वफादारी दिखाते आए हैं.’
इसके जवाब में चंद्र आर्य ने X पर लिखा, “हम हिंदू दुनिया के सभी हिस्सों से अपने अद्भुत देश कनाडा आए हैं. कनाडा हमारी धरती है.’ आर्य ने कहा कि कनाडा के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनका योगदान बड़ा है और वो ऐसा करना आगे भी जारी रखेंगे. उन्होंने आगे लिखा, हिंदू संस्कृति और विरासत के अपने लंबे इतिहास के साथ हमने कनाडा के विभिन्न सांस्कृतिक ताने-बाने को और समृद्ध करने का काम किया है.
