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रूस से सस्ता तेल मांगने गया पाकिस्तान, भारत की बराबरी करने के चक्कर में करवा ली फजीहत

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नई दिल्ली

यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए। ऐसे में रूस का तेल निर्यात काफी प्रभावित हुआ। भारत ने इसका फायदा उठाया और रूस से काफी डिस्काउंट पर कच्चा तेल खरीदा। भारत अभी भी रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है। हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान भी रूस से सस्ता तेल लेने गया था, लेकिन उसे तगड़ा झटका लगा है। रूस ने पाकिस्तान को सस्ता तेल देने से मना कर दिया। अखबार द न्यूज की खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल अपनी यह मांग लेकर रूस गया था। पाकिस्तानी अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत में कच्चे तेल पर 30-40 फीसदी की छूट की मांग की थी। इस मांग को रूस ने अस्वीकार कर दिया।

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल गया था रूस
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल में पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक, पेट्रोलियम सचिव मोहम्मद महमूद, मास्को में पाकिस्तान के दूतावास में संयुक्त सचिव तथा अन्य अधिकारी शामिल थे। रूसी अधिकारियों के साथ बुधवार को वार्ता के दौरान उन्होंने यह मांग रखी थी। अब गुरुवार को रूस ने कच्चे तेल पर डिस्काउंट देने से मना कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। हालांकि, रूसी पक्ष ने पाकिस्तान की मांग पर विचार करने का वादा किया है। साथ ही कहा कि वह अपने फैसले से राजनयिक माध्यमों से बाद में अवगत करवाएगा।

पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल 29 नवंबर को मास्को के लिए रवाना हुआ था। इस यात्रा का उद्देश्य रूसी अधिकारियों के साथ बात कर कच्चे तेल को कम कीमत पर पाने की संभावनाओं की तलाश करना था। पाकिस्तान इस समय पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रहा है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि भारत की तरह ही उसे भी रूस से सस्ता कच्चा तेल मिल जाएगा। लेकिन रूस ने मना कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने साफ कहा कि वह दूसरे देशों को जिस कीमत पर तेल बेचता है, उसी कीमत पर पाकिस्तान को देगा।

सस्ता खरीदकर बेचा महंगा
भारत ने न सिर्फ रूस से कच्चा तेल खरीदा, बल्कि उसे रिफाइन करके अमेरिका को बढ़ी हुई कीमतों में भी बेचा है। इससे भारतीय रिफाइनरीज ने जमकर मुनाफा कमाया है। भारत ने इस साल अमेरिका को जमकर वैक्यूम गैसोलीन (VGO) निर्यात किया है। यह ऑयल प्रोडक्ट्स के लिए भारत का एक असामान्य ट्रेड फ्लो है। पश्चिमी देशों द्वारा रूसी सप्लाई का विकल्प तलाशने के चलते यह हुआ है। भारत ने बड़े मार्जिन के साथ पश्चिमी देशों को ऑयल प्रोडक्ट्स का जमकर निर्यात भी किया। वीजीओ का उपयोग ज्यादातर गैसोलीन और डीजल जैसे प्रोडक्ट्स के उत्पादन के लिए रिफाइनरी फीडस्टॉक के रूप में किया जाता है। यूक्रेन युद्ध से पहले रूस अमेरिकी रिफाइनरों के लिए एक प्रमुख वीजीओ सप्लायर हुआ करता था।

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