12.6 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयजब जनरल बाजवा के इस्‍तीफे की बात करने पर सीनियर आर्मी ऑफिसर...

जब जनरल बाजवा के इस्‍तीफे की बात करने पर सीनियर आर्मी ऑफिसर के बेटे को डाल दिया गया जेल में

Published on

इस्‍लामाबाद

पाकिस्‍तान आर्मी के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने साफ कर दिया है कि कार्यकाल बढ़ाने का उनका कोई इरादा नहीं है। वह 29 नवंबर को ही रिटायर होंगे। जनरल बाजवा ने साल 2016 में पद संभाला था। बाजवा ने इसके साथ ही जोर देकर यह बात कही है कि उनका देश की राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। जनरल बाजवा, पाकिस्‍तान के सबसे ताकतवर शख्‍स हैं। वह ऐसे शख्‍स हैं जिनके साथ हमेशा कोई न कोई विवाद रहा।

साल 2020 का मामला
उनके रिटायरमेंट पर साल 2019 से ही चर्चाएं जारी थीं लेकिन उस समय उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। कई लोग उनका टेन्‍योर बढ़ाये जाने के खिलाफ थे। पिछले साल अक्‍टूबर में जब एक रिटायर्ड मेजर जनरल के बेटे ने उनसे इस्‍तीफे की मांग की तो उसे जेल में डाल दिया गया था। पाकिस्‍तान मिलिट्री कोर्ट ने पिछले साल मेजर जनरल जफर मेहदी अक्‍सारी के बेटे पर देशद्रोह तक का आरोप लगा दिया था। हसन अक्‍सारी ने साल 2020 में जनरल बाजवा को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में अक्‍सारी ने जनरल बाजवा से इस्‍तीफा देने की मांग कर डाली थी।

पांच साल की सजा
पाकिस्‍तान मिलिट्री कोर्ट की तरफ से जुलाई में केस चलाया गया था और इसके बाद उन्‍हें सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने हसन को पांच साल की सजा सुनाई और इस समय वह साहीवाल की हाई सिक्‍योरिटी जेल में बंद हैं। इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट की तरफ से भी इस केस को सुना गया था। पाकिस्‍तान मिलिट्री के एक ऑफिसर ने हसन की तरफ से केस लड़ा था। इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट की तरफ से इस बात का फैसला किया गया था कि केस असैन्‍य अदालत में चलाया जाये या फिर मिलिट्री कोर्ट में केस को सुना जाये।

अब कोई जानकारी नहीं
पाकिस्‍तान की असैन्‍य और सैन्‍य नेतृत्‍व के बीच कई बार कई मसलों के लेकर विवाद देखने को मिला है। गुंजरावाला कैंट में यह मामला चला। हसन को उनकी पंसद का वकील तक नहीं मिला था। अक्‍सारी के परिवार को भी इस मामले में अंधेरे में रखा गया था। उनकी बेटी ने जनरल हेडक्‍वार्टर्स के साथ संपर्क करने की कोशिशें की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। हसन के माता-पिता को भी उनसे नहीं मिलने दिया गया था। अक्‍सारी के माता-पिता इस्‍लामाबाद में रहते हैं। उनका बेटा अब किस हाल में है, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...