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एक खतरनाक बीमारी से राजा को बचाने के लिए जब इंग्‍लैंड में किस पर लगा दिया गया बैन

Published on

लंदन

16 जुलाई 1439, इतिहास की वो तारीख जब प्‍लेग ने पूरे इंग्‍लैंड और यूरोप को चपेट में ले लिया था। इस बीमारी की वजह से इंग्‍लैंड ने किसिंग पर भी बैन लगा दिया था। सुनकर आप हैरान हो सकते हैं लेकिन ये सच है। बीमारी को रोकने के मकसद से राजा हेनरी VI ने किसिंग को बैन कर दिया था। हालांकि इस बात का पता नहीं चल सका था कि किसिंग की वजह से ही ये बीमारी फैल रही है। इस प्‍लेग को ब्‍लैक डेथ या फिर बूबोनिक प्‍लेग के तौर पर जाना गया था। इसे रोकने के मकसद से जो फैसला लिया गया था वो बहुत से लोगों को ठीक नहीं लगा था।

किंग हेनरी VI का शासन
इस बैन को बीमारी को संक्रामक होने से रोकने के लिए उठाया गया एक कदम माना गया। जनता को पारंपरिक तौर पर एक-दूसरे का अभिवादन करने के लिए उन्‍हें चूमने से मना कर दिया गया। ब्‍लैक डेथ यूरोप में सन् 1438 से 1439 के बीच फैला था। इस दौरे में यूरोप में किस करके एक-दूसरे का अभिवादन करने की परंपरा काफी कॉमन थी। ये परंपरा वैसे आज भी कैथोलिक परंपरा का हिस्‍सा है। चर्च के पैरिशियन अक्सर मिलने पर एक दूसरे को चूमते थे या नौकर, मालिक की अंगूठी को चूमते थे, पुरुष, पुरुषों और महिलाओं को चूमते थे।

हेनरी VI से जब कभी उनके योद्धा या फिर शाही नौकर मिलते तो उन्‍हें अभिवादन करने के लिए किस करते। माना जाता है कि राजा को बीमार पड़ने से बचाने के लिए ही ये फैसला लिया गया था। आज ये माना जाता है कि किस करते समय उत्‍पन्‍न होने वाला सलाइवा, कीटाणु ट्रांसमिट हो सकते हैं। जबकि मध्‍ययुग में लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी। ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए ये कदम उठाया गया और ये तरीका सही साबित हुआ था। किसिंग को बस इलाज के तौर पर ही बैन किया गया था।

बहुत ही खतरनाक बीमारी
ब्‍लैक डेथ बहुत ही खतरनाक बीमारी मानी गई थी। माना गया था कि इस बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों के 30 से 40 फीसदी लोगों की मौत हो गई थी। यूरोप में इतनी बड़ी संख्‍या में मौतें हुई थीं कि उसने जनसंख्‍या को भी प्रभावित कर डाला था। किसानों की कमी की वजह से काफी परेशानियां आईं तो कई कस्बों और गांवों को पूरी तरह से अलग करने की मांग की गई थी। इस बीमारी को खत्‍म करने में पूरे 200 साल लगेंगे, ऐसा अनुमान उस समय लगाया गया था।

सन् 1347 में पहली बार प्लेग गोल्डन होर्डे के काला सागर क्षेत्रों से माल ट्रांसपोर्ट करने वाले व्यापारिक जहाजों के जरिए ये बीमारी भूमध्य सागर पर पहुंची थी। धीरे-धीरे यह महामारी पूरे यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में फैल गई जिसके चलते 60 प्रतिशत आबादी की मौत हो गई। प्लेग की पहली लहर 500 साल की महामारी में फैली जिसे दूसरी प्लेग महामारी के रूप में जाना जाता है जो 19 वीं शताब्दी की शुरुआत तक रही। सन् 1346 से 1353 तक यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका में बुबोनिक प्लेग महामारी ने लगभग 20 करोड़ लोगों की जान ले ली।

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