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अस्थाना की बेटी की शादी में सब कुछ था ‘कॉम्पलिमेंटरी’!

नई दिल्ली

देश की प्रीमियर जांच एजेंसी सीबीआई में उठापटक के बीच स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के जांच से जुड़े दस्तावेज ‘इंडिया टुडे’ के हाथ लगे हैं. इन दस्तावेजों के मुताबिक अस्थाना ने अपनी बेटी की शाही शादी में वेन्यू से लेकर कैटरिंग तक सभी सुविधा मुफ्त में प्राप्त की थी.गौरतलब है कि सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की बेटी अपेक्षा की शादी वडोदरा के लक्ष्मी विलास पैलेस में 25 नवंबर 2016 को हुई थी.

सीबीआई की टीम द्वारा जिन होटलों और कार्यक्रम स्थलों की जांच की गई थी, उनमें लक्ष्मी विलास पैलेस, होटल एक्सप्रेस टॉवर, सन सिटी क्लब एंड रिजॉर्ट और सूर्या पैलेस होटल शामिल हैं. दो दिनों तक चले इस शादी के कार्यक्रम में 24 नवंबर को संगीत समारोह और उसके दूसरे दिन विवाह का आयोजन था.

दस्तावेजों की जानकारी इस प्रकार हैं:
दस्तावेज 1 और 2: संगीत समारोह का आयोजन वडोदरा के चेतन संदेसरा के फार्म हाउस पर हुआ था. जबकि कैटरिंग की व्यवस्था होटल एक्प्रेस टॉवर द्वारा दी गई थी. इसके लिए चेतन संदेसरा के करीबी चंद्रा मेहता ने होटल के निदेशक चंद्रा मेहता से बात की और संदेसरा ने निर्देश दिए थे कि उनसे खर्च की बात नहीं करनी है क्योंकि ये वो स्वयं देख रहे हैं. होटल एक्प्रेस टॉवर की तरफ से प्रमाणित एक दस्तावेज के मुताबिक होटल का कहना है इसकी जिम्मेदारी सिर्फ खाने के प्रबंधन की थी और उसकी तरफ से कोई अन्य सुविधा नहीं दी गई. संगीत संध्या का कार्यक्रम उसके द्वारा दी गई सुविधा कॉम्पलिमेंटरी थी इसलिए इसकी बिलिंग नहीं हुई.

दस्तावेज 3: विवाह स्थल भी कॉम्पलिमेंटरी: 25 नवंबर 2016 को विवाह का कार्यक्रम लक्ष्मी विलास पैलेस के संकेन गार्डेन में हुआ था. जांच के दौरान लक्ष्मी विलास पैलेस की तरफ से कहा गया कि अस्थाना परिवार को यह वेन्यू कॉम्पलिमेंटरी दिया गया था.

दस्तावेज 4: सन सिटी क्लब और रिजॉर्ट की बुकिंग- अस्थाना परिवार की तरफ से वडोदरा के सन सिटी क्लब एंड रिजॉर्ट में 35 कमरे बुक किए गए थे. जांच के दौरान सीबीआई को दिए जवाब में क्लब की तरफ से कहा गया कि उन्होंने ये कमरे कॉम्पलिमेंटरी दिए थे. क्योंकि उस समय उनका रिजॉर्ट नया था. उनका कहना था कि रिजॉर्ट में उन जैसे प्रतिष्ठित अतिथि के रुकने से सम्मान बढ़ता.

क्या है मामला?
गौरतलब है कि सीबीआई ने राकेश अस्थाना और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े सतीश साना नाम के व्यक्ति के मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस लेने के आरोप में FIR दर्ज की थी. इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सीबीआई ने अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का मामला भी दर्ज किया.

सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी इस जंग के बीच, केंद्र ने सतर्कता आयोग की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया. और जॉइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया गया. चार्ज लेने के साथ ही नागेश्वर राव ने मामले से जुड़े 13 अन्य अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया.

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