जहरीली हुई दिल्ली की हवा, लागू हो सकता है इमरजेंसी प्लान

नई दिल्ली,

दिल्ली में हवा की क्वालिटी इस मौसम में पहली बार ‘बहुत खराब’ हो गई है और राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर हो गया है. हवा की क्वालिटी खराब होने के लिए गाड़ियों के प्रदूषण, कंस्ट्रक्शन और मौसम से जुड़े कई कारकों को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में हवा के और खराब होने का पूर्वानुमान जताया है.

इस बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने बुधवार को कहा कि सेटेलाइट से मिली तस्वीरें दिखा रही हैं कि ‘खतरनाक’ स्तर पर पराली जलाई जा रही है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए वरना दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से जूझना पड़ेगा.

कुछ दिनों पहले दिल्ली में हवा की क्वालिटी‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार को ‘एनवायरमेंट पॉल्यूशन (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) अथॉरिटी’ (ईपीसीए) और ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) लागू कर दिए गए थे. इनके तहत क्वालिटी और बिगड़ने से रोकने के लिए कई उपाय अमल में लाए जाते हैं.

इमरजेंसी प्लान पर मंथन शुरू
ईपीसीए की सदस्य सुनीता नारायण ने कहा, ‘हम अधिकारियों को निर्देश देने जा रहे हैं कि वे दिल्ली के मुख्य स्थानों पर सख्त उपायों को लागू करें. हमारे पास वजीरपुर और द्वारका में भी कचरा जलाए जाने के सबूत हैं और यह एक दूसरा मुद्दा है जो हम अधिकारियों के सामने उठाएंगे.’

ईपीसीए के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे एनसीआर में जेनरेटर सेटों पर पाबंदी, पार्किंग शुल्क बढ़ाने और आने वाले दिनों में सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट को और मजबूत करने जैसे उपायों पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने बेहद खराब एयर क्वालिटी के लिए कदम उठा लिए हैं लेकिन और सख्त उपायों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा.’

अधिकारी ने कहा कि हवा के और खराब होकर ‘गंभीर’ श्रेणी में जाने पर ट्रकों के प्रवेश को रोकने और कंसस्ट्रक्शन बंद करने जैसे उपायों को अमल में लाया जाएगा. एयर क्वालिटी पूर्वानुमान और शोध प्रणाली की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 315 रिकॉर्ड किया गया.

एक्यूआई का ये है आंकड़ा
शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 और 100 के बीच इसे ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, 201 और 300 के बीच इसे ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘काफी खराब’ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार में बुधवार को एक्यूआई 358, द्वारका सेक्टर आठ में एक्यूआई 376, आईटीओ पर 295 और जहांगीरपुरी में एक्यूआई 333 रिकॉर्ड किया गया. रोहिणी में एक्यूआई 330 दर्ज किया गया.

आंकड़े के मुताबिक, दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 296 और पीएम 2.5 को 139 मापा गया. इस मौसम में पहली बार हवा की क्वालिटी ‘बहुत खराब’ श्रेणी के स्तर पर पहुंची है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की की ओर से उत्तर भारत की नई तस्वीरें जारी करते हुए हुसैन ने दिल्ली के लोगों से कहा कि वे स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम से कम करें और कहा कि कूड़ा या पराली जलाने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने लोगों से कहा कि धूल उड़ने से रोकने के लिए कंसस्ट्रक्शन का सामान ढक कर रखें. उन्होंने कहा, ‘समय आ गया है कि खेतों में पराली जलाए जाने को फौरन बंद किया जाए क्योंकि ऐसा न होने पर समूचे उत्तर भारत में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं आने को तैयार बैठी हैं.’

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