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डिफेंस स्टार्टअप: सीतारमण ने रखे 11 चैलेंज

बेंगलुरु

भारत सरकार ने बेंगलुरु में आयोजित डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज में लेजर हथियारों और 4G लैन (लोकल एरिया नेटवर्क) जैसी 11 तकनीकी चुनौतियों को स्टार्टअप शुरू करनेवाले उद्यमियों के सामने रखा है। इन चुनौतियों में ज्यादातर ऐसी हैं, जो सुरक्षा बलों से जुड़ी हैं। सरकार ने देश में स्टार्टअप को शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाली केंद्र सरकार की नीति की घोषणा करते हुए उद्यमियों को रक्षा क्षेत्र में निवेश करने और इसमें हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया।

इन चुनौतियों में: बिल्ट इन सेंसर के साथ इंडिविजुअल प्रोटेक्शन सिस्टम, सी-थ्रू आर्मर, कार्बन फाइबर वाइंडिंग, ऐक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम, सिक्यॉर हार्डवेअर आधारित ऑफलाइन इनक्रिप्ट डिवाइस, 4G/LTE बेस्ड लैन, अडवांस्ड टेक्नॉलजी बेस्ड डीसैलिनेशन सिस्टम, लॉजिस्टिक्स में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, रिमोट से चलने वाले हवाई वाहन, लेजर हथियार और सेनाओं के लिए मानवरहित थल और जल वाहन शामिल हैं।

स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल का वादा
बता दें कि डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज इनोवेशन ऑफ डिफेंस एक्सिलेंस (आईडेक्स) का हिस्सा है, इसका उद्देश्य डिफेंस सेक्टर में स्टार्टअप को बढ़ावा देने और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। चैलेंज की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘केंद्र सरकार स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए काम कर रही है। हमें पता है कि पिछले समय में आपको समस्याएं हुईं हैं लेकिन हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि अब आपको बेहतर माहौल मिलेगा।’

रक्षा मंत्री ने सपॉर्ट फॉर प्रोटोटाइप ऐंड रिसर्च किक स्टार्ट (SPARK) की भी शुरुआत की। यह भारत में रक्षा संबंधी निर्माण के आनेवाले प्रस्तावकों की तकनीकी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेगा, इसमें क्षमता, नीयत और काम कर पानेवाले प्रोटोटाइप तैयार करनेवालों को 1.5 करोड़ रुपये तक दिए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।

स्टार्टअप को मार्केट देंगे: रक्षा मंत्री
इसके अलावा रक्षा मंत्री ने ‘प्रमोशन ऑफ स्टार्टअप्स अंडर मेक-2 प्रोसीजर ऑफ डीपीपी 2016’ का भी ऐलान किया, इसके अंदर तीन करोड़ से कम खर्चवाले प्रोटोटाइप को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘हम आपको पुरानी प्रक्रिया के आधार पर तकनीकी और आर्थिक आधार पर रोक नहीं रहे हैं। अगर आपके पास आइडिया है और आप इसे हमारे साथ टेस्ट करते हैं तो हमारे ऑर्डर से आपको मार्केट मिल जाएगी।’

रक्षा मंत्रालय ने आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के साथ भी कुथ एमओयू पर दस्तखत किए। इसके अलावा पहली बार बेंगलुरु की टोंबो इमेजिंग नामक कंपनी को सर्टिफिकेट ऑफ अकॉर्ड ऑफ ‘अप्रूवल इन प्रिंसिपल’ दिया गया।

200 स्टार्टअप ने लिया हिस्सा
रक्षा मंत्री के साथ कार्यक्रम की मेजबानी करनेवाले 91स्प्रिंगबोर्ड के को-फाउंडर प्रणय गुप्ता ने कहा, ‘इन चीजों से डिफेंस प्रॉडक्ट्स और तकनीकी मामलों में भारत आत्मनिर्भर बन सकता है, फिलहाल हम इन सब चीजों को विदेशों से आयात करते हैं।’ इस कार्यक्रम में कुल 200 स्टार्टअप, 50 मीडियम, स्मॉल और माइक्रो उद्योग और 12 अन्य नई कंपनियों ने हिस्सा लिया।

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