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भारतीय सेना के साथ उत्तराखंड में युद्धाभ्यास करेगी US आर्मी

नई दिल्ली

भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। नई दिल्ली में शीर्ष स्तर पर हुई 2+2 वार्ता के फौरन बाद दोनों देश अब संयुक्त युद्धाभ्यास की तैयारी में जुट गए हैं। 16 से 29 सितंबर के दौरान उत्तराखंड के चौबटिया में भारत और अमेरिका की सेनाएं वार्षिक युद्धाभ्यास में शामिल होंगी। आपको बता दें कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास में भाग लेते हैं। खास बात यह है कि इस साल के युद्धाभ्यास को अपग्रेड कर बटैलियन स्तर की फील्ड ट्रेनिंग एक्सर्साइज़ (FTX) और एक डिविजन स्तर की कमांड पोस्ट एक्सर्साइज़ (CPX) कर दिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया, ‘इस साल युद्धाभ्यास में हर पक्ष की तरफ से करीब 350 सैनिक शामिल होंगे जबकि पहले करीब 200 सैनिक ही शामिल होते थे।’ सैन्य अफसर ने कहा कि हम इस महत्वपूर्ण अभ्यास के लिए 15 गढ़वाल राइफल्स को उतारेंगे, जिसका फोकस आतंक विरोधी अभियान पर होगा। पिछले साल संयुक्त युद्धाभ्यास अमेरिका में लुईस-मैकॉर्ड जॉइंट बेस पर हुआ था।

टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा पहले ही प्रकाशित खबर के मुताबिक भारत और अमेरिका ने अगले साल देश के पूर्वी तट पर अपना पहला मेगा ट्राई-सर्विस अभ्यास करने का फैसला किया है। यह केवल दूसरी बार होगा जब भारत अपनी सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों और मैनपावर को किसी दूसरे देश के साथ युद्धाभ्यास के लिए तैनात करेगा। इससे पहले भारत ने रूस के साथ पिछले साल व्लादिवोस्तोक में ऐसा युद्धाभ्यास किया था।

आपको बता दें कि 1960 के दशक से ही रूस भारत का प्रमुख डिफेंस सप्लायर रहा है लेकिन दोनों देशों की सेनाओं ने आपस में अभ्यास कम ही किया है। इसके ठीक विपरीत, भारत और अमेरिका हर साल वॉरगेम में शामिल होते हैं, जिनमें जापान के साथ मिलकर मालाबार और वज्र प्रहार, युद्ध अभ्यास ड्रिल्स हैं। उधर, अमेरिका भारत के सबसे बड़े डिफेंस सप्लायर्स में से एक बनकर भी उभरा है। 2007 से अब तक उसके साथ 17 अरब डॉलर की डिफेंस डील फाइनल की जा चुकी है।

गुरुवार को 2+2 वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, ‘आज, भारत की डिफेंस फोर्सेज अमेरिका के साथ मिलकर व्यापक प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास करती हैं। हमारे संयुक्त अभ्यास ने नए आयाम स्थापित किए हैं। इस सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए हमने पहली बार तीनों सेनाओं को शामिल करते हुए 2019 में पूर्वी भारत के तट पर अमेरिका के साथ संयुक्त अभ्यास करने का फैसला किया है।’

रक्षा मंत्री ने कहा है, ‘हम अपनी सेनाओं के बीच ज्यादा सहयोग के लिए काम कर रहे हैं। इस दिशा में 2016 में साइन किए गए लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरैंडम ऑफ अग्रीमेंट (LEMOA) और इस साल की शुरुआत में हेलिकॉप्टर ऑपरेशंस फ्रॉम शिप्स अदर दैन एयरक्राफ्ट कैरियर्स (HOSTAC) जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।’ आपको बता दें कि 2+2 वार्ता के दौरान एक अहम सामरिक समझौते COMCASA पर भी हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत भारत की पहुंच अमेरिका की अडवांस्ड और संवेदनशील रक्षा तकनीकों तक हो जाएगी।

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