Thursday , October 29 2020

रास्ते में जो भी मिला, उसे चाकू से गोदते चले गए बदमाश

नई दिल्ली

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में नशे में धुत दो बदमाशों को बुधवार की रात रास्ते में जो भी मिला सभी को चाकुओं से गोदते चले गए। पांच लोगों पर चाकुओं से हमला किया। दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मर्डर और मर्डर की कोशिश की धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वारदात के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, करणवीर (48) दिनेश (32) परिवार के साथ मंगोलपुरी आई-ब्लॉक में रहते थे। बुधवार की रात करणवीर खाना खाने के बाद बाहर गली में टहलने चले गए। इस दौरान ड्यूटी से घर लौट रहे दिनेश और नाइट ड्यूटी पर जा रहे सिक्यॉरिटी गार्ड का काम करने वाले विनय भी करणवीर को मिल गए। गली के नुक्कड़ पर खड़े होकर सभी आपस में बात कर रहे थे, तभी दो नाकाबपोश युवक आए और तीनों युवकों पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वहां खड़े अन्य लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले हमलावर फरार हो गए।

खून से लथपथ घायल विनय किसी तरह भागकर करणवीर के घर पहुंचे,जहां करणवीर के बेटे जितेंद्र को हमले की जानकारी दी। जितेंद्र ने देखा कि उनके पिता और पिता के दोस्त दिनेश खून से लथपथ जमीन पर पड़े हैं। पड़ोसियों की मदद से घायलों को संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही, परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इलाज के दौरान करीब दो बजे रात में करणवीर और दिनेश की मौत हो गई।

पुलिस जांच ही कर रही थी कि इस दौरान पता चला कि बदमाशों ने आई-ब्लॉक में रहने वाले रिक्शावाले इरशाद (32) और एम ब्लॉक में रहने वाले दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी सुरेश (50) को भी बदमाशों ने चाकुओं से गोद दिया है। ये दोनों भी खाना खाकर बाहर टहल रहे थे। इन दोनों को भी संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हालत बिगड़ती देख इरशाद और विनय को डीडीयू अस्पताल में रेफर कर दिया। वहीं विनय का इलाज संजय गांधी में ही चल रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल के मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया था। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। परिजन और पड़ोसियों का कहना है कि जिन पर भी हमला हुआ है, उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। सभी मजदूर और नौकरीपेशा लोग थे।

पहले की फायरिंग, फिर चाकुओं से किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सभी बदमाश पहले आई-ब्लॉक स्थित एक युवक के घर के बाहर पहुंचे। कई राउंड फायरिंग की। वहां से निकलते समय रास्ते में जो भी टकराया, सभी पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावर चूहा नाम के युवक के दोस्त बताए जा रहे हैं, जिसपर बीते दिनों चाकुओं से हमला हुआ था और बुधवार को मौत हो गई थी। घटना में मुख्य आरोपी गिरफ्तार है। चूहा की मौत के बाद अपने दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए हमलावरों ने एक युवक के घर पर हमला किया। जब वह घर पर नहीं मिला तो रास्ते में जो मिला उसे चाकू मारते हुए चले गए।

सीसीटीवी में नकाबपोश बदमाश कैद
पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हाथ लगी है। इस फुटेज में बदमाश भागते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों बदमाशों ने चेहरे पर रूमाल बांधा हुआ है। फिलहाल पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लकेर पूछताछ कर रही है।

‘आखिर पिताजी ने किसी का क्या बिगाड़ा था?’
‘आखिर पिताजी ने किसी का क्या बिगाड़ा था’, करणवीर की बेटी रो-रोकर कह रही थी। शव से लिपटकर रो रही बेटी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। तीनों बेटों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। आई-ब्लॉक की एक ही गली में करणवीर और दिनेश रहते थे। हर कोई यह कह रहा था कि करणवीर और दिनेश की कभी किसी के साथ इनकी लड़ाई होना तो दूर, कहासुनी तक नहीं हुई।

करणवीर के तीन बेटे और एक बेटी है। घरों में रंगाई-पुताई का काम करने वाले करणवीर खुशमिजाज इंसान थे। पड़ोसियों ने बताया कि आजतक गली में उनकी लड़ाई किसी से नहीं हुई, और न ही किसी से कोई रंजिश थी। हर रोज खाना खाने के बाद दोस्तों के साथ टहलने निकलते थे। बुधवार की रात भी खाना खाकर टहलने ही निकले थे। वहीं मृतक दिनेश यहां अपने जीजा चंद्रमोहन के पास रहते थे। बहादुरगढ़ में एक कपंनी में सुपरवाइजर थे। चंद्रमोहन ने बताया कि बुधवार की देर रात 10: 06 बजे दिनेश घर नहीं पहुंचे तो उनको कॉल किया। दिनेश ने 10 मिनट में घर पर पहुंचने की बात कही। कुछ ही देर में पता चला कि दिनेश पर भी चाकुओं से हमला हो गया। दिनेश के शव को परिजन अलीगढ़ के अतरौली लेकर चले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मंगोलपुरी छोड़ना चाहते थे करणवीर
एक पड़ोसी ने बताया कि करणवीर ने उनसे कहा था कि इलाके में आए दिन क्राइम होते रहते हैं, इसलिए वह अब यहां रहना नही चाहते। मंगलवार को करणवीर किसी कॉलोनी में घर बनाने के लिए जमीन भी देखने गए थे। जल्द ही घर बनाकर मंगोलपुरी इलाका छोड़ने वाले थे।

दो जिंदगियां रोशन करेगी करणवीर की आंखें
करणवीर की आंखें अब दूसरों की जिंदगी रोशन करेगी। परिजनों की सहमति के बाद उनकी दोनों आंखें डोनेट कर दी गईं। अब पीड़ित परिवार किसी दृष्टिहीन की जिंदगी को रोशन होता देखना चाहते हैं। संजय गांधी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान परिजनों ने आंखें डोनेट कर दी हैं।

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