18 साल पहले लापता हुए बेटे को देशभर में ढूंढा, फिर मिली यह खबर

नई दिल्ली

दिल्ली के अलीपुर स्थित मुखमेलपुर गांव में रहने वाले शोकत अली को 18 साल से अपने बेटे की तलाश थी। उनका बेटा जावेद जून, 2000 से लापता था। लापता होने के समय जावेद 14 साल का था। जावेद की तलाश में उसके पिता देशभर में घूमे। वह जावेद का पता लगाने के लिए कुछ-कुछ महीनों के अंतराल पर छुट्टी लेकर दूसरे शहरों के पुलिस स्टेशन और जूवेनाइल होम जाते रहे। करीब 18 साल बाद जावेद के घर वालों को उसकी खबर मिली लेकिन यह खबर उनके लिए अच्छी नहीं थी।

बुधवार को जावेद के घर के पास स्थित एक टैंक में नीली टी-शर्ट और खाकी पैंट में एक नर-कंकाल मिला। उसके परिवार का कहना है कि जावेद जब लापता हुआ था, तब उसने ऐसी ही टी-शर्ट और पैंट पहनी हुई थी। ऐसे में जावेद के परिवार की बात की पुष्टि के लिए पुलिस कंकाल का DNA टेस्ट कराएगी। जावेद के पिता ने कहा कि मुझे लगता था कि मेरे बेटे से या तो कहीं बाल मजदूरी कराई जा रही होगी या फिर उसके अपहरणकर्ता ने उसे किसी ऐसी जगह छोड़ दिया होगा, जहां से वह वापस घर न लौट सके। यही सोचकर वह मुंबई, चंडीगढ़, पटना और कोलकाता गए और वहां के जूवेनाइल शेल्टर्स में जावेद का पता लगाने की कोशिश की।

फिरौती के लिए आई थी एक कॉल
शोकत ने बताया, ‘मैं उसको किडनैपर से छुड़वाने के लिए अपना घर और अन्य संपत्ति बेचने के लिए तैयार था, लेकिन फिरौती की एक फॉन कॉल के बाद किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया। शोकत की बेटी जायदा ने बताया कि एक दिन उनके पड़ोसी (आसपास सिर्फ उनके घर पर ही फोन था) ने उसके पिता को बताया कि उनके घर पर शोकत के लिए कॉल आई है। जायदा ने कहा, ‘जब मेरे पिता ने फोन पर बात की तो हरियाणवी बोली वाले एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि जावेद उसके पास है और वह उसे तभी छोड़ेगा जब मेरे अंकल चमन उसका (कॉलर का) बकाया चुका देंगे।’ जायदा के मुताबिक, उस व्यक्ति ने दोबारा कभी संपर्क नहीं किया और कुछ दिन बाद चमन भी गायब हो गया।

बेटे की तलाश में की हर संभव कोशिश
अपने बेटे की तलाश में मदद के लिए शोकत अली कई पुलिस चीफ और तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भी मिले। पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने जावेद ने ढूंढने के लिए उसके परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस बीच जावेद के परिवार ने किसी चमत्कार की उम्मीद में मंदिर-मस्जिद में प्रार्थनाओं का सिलसिला भी जारी रखा।

मां ने पहचाने जावेद के कपड़े
बुधवार का दिन जावेद के परिवार के लिए बेहद दुख भरा रहा। उसके पिता शोकत ने कहा कि उनकी पत्नी शकीला ने कंकाल पर कपड़ों को पहचान लिया। इस मामले पर रजनीश गुप्ता, डीसीपी (रोहिणी) ने कहा कि कंकाल को फरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हमने जावेद के परिवार के दावे पर विचार किया है और (कंकाल का) DNA टेस्ट कराने का फैसला किया है।’

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